उत्तरकाण्ड · छंद · छंद
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं।।
मूल पाठ
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं।।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा। लसद्भालबालेन्दु कंठे भुजंगा।।
स्रोत अभिलेख 7.108 · पुस्तक पृ. 1011, 1013
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो हिमाचलके समान गौरवर्ण तथा गम्भीर हैं, जिनके शरीरमें करोड़ों कामदेवोंकी ज्योति एवं शोभा है, जिनके सिरपर सुन्दर नदी गङ्गाजी विराजमान हैं, जिनके ललाटपर द्वितीयाका चन्द्रमा और गलेमें सर्प सुशोभित हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1011 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं।।
English explanation
He is fair like a snowy mountain and profound; his beautiful body has the radiance of countless millions of gods of love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुषाराद्रि | हिमपर्वत के | a snowy mountain |
| संकाश | समान | resembling |
| गौरं | गौर वर्ण वाले को | the fair-complexioned one |
| गभीरं | गंभीर को | the profound one |
| मनोभूत | कामदेवों की | of gods of love |
| कोटि | करोड़ों | tens of millions |
| प्रभा | कांति | radiance |
| श्री | शोभा से युक्त | endowed with beauty |
| शरीरं | शरीर वाले को | the one whose body is so adorned |
2 स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा। लसद्भालबालेन्दु कंठे भुजंगा।।
English explanation
The beautiful, wave-filled Ganga shines upon his head; a young crescent moon gleams on his forehead, and serpents adorn his neck.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्फुरन्मौलि | मस्तक पर शोभित | shining upon the head |
| कल्लोलिनी | तरंगों वाली नदी | the wave-filled river |
| चारु | सुंदर | beautiful |
| गंगा | गंगा नदी | the river Ganga |
| लसद्भालबालेन्दु | ललाट पर चमकता नवचंद्र | the young crescent shining on the forehead |
| कंठे | गले में | on the neck |
| भुजंगा | सर्प | serpents |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 7.108
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1011
- सहायक विषय
- रुद्राष्टक · गुरुजीका शिवजीसे अपराध-क्षमापन, शापानुग्रह और काकभुशुण्डिकी आगेकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 1011, 1013
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।