उत्तरकाण्ड · छंद · छंद
जय सगुन निर्गुन रूप रूप अनूप भूप सिरोमने।
मूल पाठ
जय सगुन निर्गुन रूप रूप अनूप भूप सिरोमने।
दसकंधरादि प्रचंड निसिचर प्रबल खल भुज बल हने।।
अवतार नर संसार भार बिभंजि दारुन दुख दहे।
जय प्रनतपाल दयाल प्रभु संजुक्त सक्ति नमामहे।।1।।
स्रोत अभिलेख 7.13 · पुस्तक पृ. 921, 923
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे सगुण और निर्गुणरूप! हे अनुपम रूप-लावण्ययुक्त! हे राजाओंके शिरोमणि! आपकी जय हो। आपने रावण आदि प्रचण्ड, प्रबल और दुष्ट निशाचरोंको अपनी भुजाओंके बलसे मार डाला। आपने मनुष्य-अवतार लेकर संसारके भारको नष्ट करके अत्यन्त कठोर दु:खोंको भस्म कर दिया। हे दयालु! हे शरणागतकी रक्षा करनेवाले प्रभो! आपकी जय हो। मैं शक्ति (सीताजी)-सहित शक्तिमान् आपको नमस्कार करता हूँ॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 921 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1जय सगुन निर्गुन रूप रूप अनूप भूप सिरोमने।
English explanation
Victory to you, whose nature is both qualified and unqualified, whose beauty is unequalled, foremost among kings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | victory to you |
| सगुन | गुणों और साकार रूप सहित | with attributes and manifest form |
| निर्गुन | गुणों से परे | beyond attributes |
| रूप | स्वरूप वाले | having such a nature |
| रूप | सुंदरता | beauty |
| अनूप | अनुपम | unequalled |
| भूप | राजाओं के | among kings |
| सिरोमने | हे शिरोमणि | O foremost one |
2 दसकंधरादि प्रचंड निसिचर प्रबल खल भुज बल हने।।
English explanation
You slew fierce, powerful, wicked demons such as Ravana by the strength of your arms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दसकंधरादि | दस सिर वाले रावण आदि को | the ten-headed Ravana and others |
| प्रचंड | अत्यंत उग्र | fierce |
| निसिचर | राक्षसों को | demons |
| प्रबल | बहुत बलवान | powerful |
| खल | दुष्ट | wicked |
| भुज | भुजाओं के | of your arms |
| बल | बल से | by strength |
| हने | मार डाला | slew |
3 अवतार नर संसार भार बिभंजि दारुन दुख दहे।
English explanation
Taking human incarnation, you removed the world's burden and burned away its terrible sorrows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवतार | अवतार लेकर | taking incarnation |
| नर | मनुष्य रूप में | in human form |
| संसार | संसार का | of the world |
| भार | बोझ | burden |
| बिभंजि | दूर करके | having broken away |
| दारुन | भयानक | terrible |
| दुख | दुःखों को | sorrows |
| दहे | जला डाला | burned away |
4 जय प्रनतपाल दयाल प्रभु संजुक्त सक्ति नमामहे।।1।।
English explanation
Victory to you, compassionate Lord and protector of those who seek refuge; we bow to you together with your Shakti.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | victory to you |
| प्रनतपाल | शरणागतों के रक्षक | protector of those seeking refuge |
| दयाल | दयालु | compassionate |
| प्रभु | हे स्वामी | O Lord |
| संजुक्त | सहित | accompanied by |
| सक्ति | अपनी शक्ति, सीता | your Shakti, Sita |
| नमामहे | हम प्रणाम करते हैं | we bow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 7.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 921
- सहायक विषय
- राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 921, 923
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।