उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरष सहित एहिं आश्रम आयउँ। प्रभु प्रसाद दुर्लभ बर पायउँ।।
मूल पाठ
हरष सहित एहिं आश्रम आयउँ। प्रभु प्रसाद दुर्लभ बर पायउँ।।
इहाँ बसत मोहि सुनु खग ईसा। बीते कलप सात अरु बीसा।।
स्रोत अभिलेख 7.114 · पुस्तक पृ. 1021, 1022
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं हर्षसहित इस आश्रममें आया। प्रभु श्रीरामजीकी कृपासे मैंने दुर्लभ वर पा लिया। हे पक्षिराज! मुझे यहाँ निवास करते सत्ताईस कल्प बीत गये॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1022 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 हरष सहित एहिं आश्रम आयउँ। प्रभु प्रसाद दुर्लभ बर पायउँ।।
English explanation
I came joyfully to this hermitage; through the Lord’s grace I received a rare boon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरष | आनंद | joy |
| सहित | के साथ | with |
| एहिं | इस | this |
| आश्रम | आश्रम में | to the hermitage |
| आयउँ | मैं आया | I came |
| प्रभु | प्रभु की | the Lord’s |
| प्रसाद | कृपा से | through grace |
| दुर्लभ | दुर्लभ | rare |
| बर | वरदान | boon |
| पायउँ | मैंने पाया | I received |
2 इहाँ बसत मोहि सुनु खग ईसा। बीते कलप सात अरु बीसा।।
English explanation
Listen, O lord of birds: twenty-seven cosmic ages have passed while I have lived here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इहाँ | यहाँ | here |
| बसत | रहते हुए | while dwelling |
| मोहि | मुझे | for me |
| सुनु | सुनो | listen |
| खग | पक्षियों के | of birds |
| ईसा | हे स्वामी | O lord |
| बीते | बीत गए | have passed |
| कलप | कल्प; विशाल ब्रह्मांडीय काल | cosmic ages |
| सात | सात | seven |
| अरु | और | and |
| बीसा | बीस | twenty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.114
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1022
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिजीका लोमशजीके पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1021, 1022
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।