उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरन सकल श्रम प्रभु श्रम पाई। गए जहाँ सीतल अवँराई।।
मूल पाठ
हरन सकल श्रम प्रभु श्रम पाई। गए जहाँ सीतल अवँराई।।
भरत दीन्ह निज बसन डसाई। बैठे प्रभु सेवहिं सब भाई।।
स्रोत अभिलेख 7.5 · पुस्तक पृ. 956, 956
भावार्थ
मूल पाठ के बादसंसारके सभी श्रमोंको हरनेवाले प्रभुने [हाथी, घोड़े आदि बाँटनेमें] श्रमका अनुभव किया और [श्रम मिटानेको] वहाँ गये जहाँ शीतल अमराई (आमोंका बगीचा) थी। वहाँ भरतजीने अपना वस्त्र बिछा दिया। प्रभु उसपर बैठ गये और सब भाई उनकी सेवा करने लगे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 956 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हरन सकल श्रम प्रभु श्रम पाई। गए जहाँ सीतल अवँराई।।
English explanation
The Lord, who removes everyone’s weariness, felt weary himself and went where there was a cool mango grove.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरन | दूर करने वाले | remover of |
| सकल | सबकी | everyone’s |
| श्रम | थकान | weariness |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| श्रम | थकान | weariness |
| पाई | अनुभव करके | having felt |
| गए | गए | went |
| जहाँ | जहाँ | where |
| सीतल | शीतल | cool |
| अवँराई | आमों की बगिया | mango grove |
2 भरत दीन्ह निज बसन डसाई। बैठे प्रभु सेवहिं सब भाई।।
English explanation
Bharata spread out his own garment. The Lord sat down, and all the brothers attended to him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | भरत, राम के भाई | Bharata, Rama’s brother |
| दीन्ह | दिया | did |
| निज | अपना | his own |
| बसन | वस्त्र | garment |
| डसाई | बिछाकर | spreading out |
| बैठे | बैठ गए | sat down |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| सेवहिं | सेवा करते हैं | attend to him |
| सब | सभी | all |
| भाई | भाई | brothers |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 956
- सहायक विषय
- नारदजीका आना और स्तुति करके ब्रह्मलोकको लौट जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 956, 956
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।