उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनि चहहिं प्रभु मुख कै बानी। जो सुनि होइ सकल भ्रम हानी।।
मूल पाठ
सुनि चहहिं प्रभु मुख कै बानी। जो सुनि होइ सकल भ्रम हानी।।
अंतरजामी प्रभु सभ जाना। बूझत कहहु काह हनुमाना।।
स्रोत अभिलेख 7.36 · पुस्तक पृ. 944, 944
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे प्रभुके श्रीमुखकी वाणी सुनना चाहते हैं, जिसे सुनकर सारे भ्रमोंका नाश हो जाता है। अन्तर्यामी प्रभु सब जान गये और पूछने लगे—कहो हनुमान्! क्या बात है?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 944 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनि चहहिं प्रभु मुख कै बानी। जो सुनि होइ सकल भ्रम हानी।।
English explanation
They wished to hear the words from the Lord’s mouth that would dispel all their doubts and misconceptions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनना | to hear |
| चहहिं | चाहते हैं | wish |
| प्रभु | प्रभु राम के | the Lord Rama’s |
| मुख | मुख | mouth |
| कै | की | of; from |
| बानी | वाणी | words |
| जो | जिसे | which |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| होइ | हो जाए | would occur |
| सकल | समस्त | all |
| भ्रम | भ्रमों का | of doubts and misconceptions |
| हानी | नाश | disappearance |
2 अंतरजामी प्रभु सभ जाना। बूझत कहहु काह हनुमाना।।
English explanation
The Lord, who knows the inner heart, understood everything and asked, “Hanuman, tell me, what is it?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अंतरजामी | मन की बात जानने वाले | knower of the inner heart |
| प्रभु | प्रभु राम | the Lord Rama |
| सभ | सब कुछ | everything |
| जाना | जान गए | understood |
| बूझत | पूछते हैं | ask |
| कहहु | कहो | tell me |
| काह | क्या बात है | what is it |
| हनुमाना | हे हनुमान | O Hanuman |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 944
- सहायक विषय
- हनुमान्जीके द्वारा भरतजीका प्रश्न और श्रीरामजीका उपदेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 944, 944
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।