उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनिअ तहाँ हरि कथा सुहाई। नाना भाँति मुनिन्ह जो गाई।।
मूल पाठ
सुनिअ तहाँ हरि कथा सुहाई। नाना भाँति मुनिन्ह जो गाई।।
जेहि महुँ आदि मध्य अवसाना। प्रभु प्रतिपाद्य राम भगवाना।।
स्रोत अभिलेख 7.61 · पुस्तक पृ. 965, 965
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर वहाँ (सत्संगमें) सुन्दर हरिकथा सुनी जाय, जिसे मुनियोंने अनेकों प्रकारसे गाया है और जिसके आदि, मध्य और अन्तमें भगवान् श्रीरामचन्द्रजी ही प्रतिपाद्य प्रभु हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 965 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनिअ तहाँ हरि कथा सुहाई। नाना भाँति मुनिन्ह जो गाई।।
English explanation
There one should listen to the beautiful account of Hari, which sages have sung in many ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनिअ | सुनी जाए | one should listen to |
| तहाँ | वहाँ | there |
| हरि | हरि की (भगवान की) | of Hari (the Lord) |
| कथा | कथा | account |
| सुहाई | सुंदर | beautiful |
| नाना | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार से | ways |
| मुनिन्ह | मुनियों ने | the sages |
| जो | जिसे | which |
| गाई | गाया है | have sung |
2 जेहि महुँ आदि मध्य अवसाना। प्रभु प्रतिपाद्य राम भगवाना।।
English explanation
In that account, from beginning through middle to end, Lord Rama is the subject expounded.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिस कथा | which account |
| महुँ | में | in |
| आदि | आरंभ | beginning |
| मध्य | मध्य | middle |
| अवसाना | अंत | end |
| प्रभु | प्रभु | the Lord |
| प्रतिपाद्य | प्रतिपादित विषय | the subject expounded |
| राम | राम | Rama |
| भगवाना | भगवान | God |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.61
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 965
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 965, 965
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।