उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुक सारिका पढ़ावहिं बालक। कहहु राम रघुपति जनपालक।।
मूल पाठ
सुक सारिका पढ़ावहिं बालक। कहहु राम रघुपति जनपालक।।
राज दुआर सकल बिधि चारू। बीथीं चौहट रूचिर बजारू।।
स्रोत अभिलेख 7.28 · पुस्तक पृ. 937, 937
भावार्थ
मूल पाठ के बादबालक तोता-मैनाको पढ़ाते हैं कि कहो—'राम 'रघुपति 'जनपालक। राजद्वार सब प्रकारसे सुन्दर है। गलियाँ, चौराहे और बाजार सभी सुन्दर हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 937 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सुक सारिका पढ़ावहिं बालक। कहहु राम रघुपति जनपालक।।
English explanation
Children teach parrots and mynas to say, ‘Rama, lord of Raghu’s lineage, protector of the people.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुक | तोते | parrots |
| सारिका | मैनाएँ | mynas |
| पढ़ावहिं | सिखाते हैं | teach |
| बालक | बालक | children |
| कहहु | कहो | say |
| राम | भगवान राम | Rama |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम | lord of Raghu’s lineage |
| जनपालक | जनों का पालन करने वाले | protector and sustainer of the people |
2 राज दुआर सकल बिधि चारू। बीथीं चौहट रूचिर बजारू।।
English explanation
The royal gateways are beautiful in every way; the streets, crossroads, and markets are charming too.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राज | राजकीय | royal |
| दुआर | द्वार | gateways |
| सकल | सभी | every |
| बिधि | प्रकार से | in respect |
| चारू | सुंदर | beautiful |
| बीथीं | गलियाँ; सड़कें | streets |
| चौहट | चौराहे | crossroads |
| रूचिर | मनोहर | charming |
| बजारू | बाजार | markets |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 937
- सहायक विषय
- पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजीकी रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 937, 937
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।