उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब कर मत खगनायक एहा। करिअ राम पद पंकज नेहा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे पक्षिराज! उन सबका मत यही है कि श्रीरामजीके चरणकमलोंमें प्रेम करना चाहिये। श्रुति, पुराण और सभी ग्रन्थ कहते हैं कि श्रीरघुनाथजीकी भक्तिके बिना सुख नहीं है॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1037 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सब कर मत खगनायक एहा। करिअ राम पद पंकज नेहा।।
श्रुति पुरान सब ग्रंथ कहाहीं। रघुपति भगति बिना सुख नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 7.122 · पुस्तक पृ. 1036, 1038
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सब कर मत खगनायक एहा। करिअ राम पद पंकज नेहा।।
English explanation
O Garuda, king of birds, they all hold this view: one should love Rama’s lotus feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | उन सभी | all of them |
| कर | का | of |
| मत | मत | view |
| खगनायक | हे पक्षिराज गरुड़ | O Garuda, king of birds |
| एहा | यह है | is this |
| करिअ | करना चाहिए | one should cultivate |
| राम | राम के | Rama’s |
| पद | चरण | feet |
| पंकज | कमलरूपी | lotus-like |
| नेहा | प्रेम | love |
2 श्रुति पुरान सब ग्रंथ कहाहीं। रघुपति भगति बिना सुख नाहीं।।
English explanation
The Vedas, Puranas, and all scriptures declare that there is no happiness without devotion to Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| पुरान | पुराण | the Puranas |
| सब | सभी | all |
| ग्रंथ | शास्त्र-ग्रंथ | scriptures |
| कहाहीं | कहते हैं | declare |
| रघुपति | रघुवंश के स्वामी राम की | to Rama, lord of Raghu’s lineage |
| भगति | भक्ति | devotion |
| बिना | बिना | without |
| सुख | सुख | happiness |
| नाहीं | नहीं है | there is none |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.122
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1037
- सहायक विषय
- भजन-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 1036, 1038
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।