उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सनहु सकल पुरजन मम बानी। कहउँ न कछु ममता उर आनी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे समस्त नगरनिवासियो! मेरी बात सुनिये। यह बात मैं हृदयमें कुछ ममता लाकर नहीं कहता हूँ। न अनीतिकी बात कहता हूँ और न इसमें कुछ प्रभुता ही है। इसलिये [संकोच और भय छोड़कर, ध्यान देकर] मेरी बातोंको सुन लो और [फिर] यदि तुम्हें अच्छी लगे, तो उसके अनुसार करो!॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 950 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सनहु सकल पुरजन मम बानी। कहउँ न कछु ममता उर आनी।।
नहिं अनीति नहिं कछु प्रभुताई। सुनहु करहु जो तुम्हहि सोहाई।।
स्रोत अभिलेख 7.43 · पुस्तक पृ. 950, 950
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सनहु सकल पुरजन मम बानी। कहउँ न कछु ममता उर आनी।।
English explanation
All townspeople, listen to my words. I say nothing out of possessive attachment in my heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सनहु | सुनो | listen |
| सकल | सभी | all |
| पुरजन | हे नगरवासियो | townspeople |
| मम | मेरी | my |
| बानी | वाणी | words |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I say |
| न | नहीं | not |
| कछु | कुछ भी | anything |
| ममता | ममता या अपनत्व का आग्रह | possessive attachment |
| उर | हृदय में | in the heart |
| आनी | लाकर | bringing |
2 नहिं अनीति नहिं कछु प्रभुताई। सुनहु करहु जो तुम्हहि सोहाई।।
English explanation
There is neither injustice nor any assertion of authority in my words. Listen, and do what seems right to you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नहिं | नहीं | no |
| अनीति | नीति-विरुद्ध बात | injustice |
| नहिं | नहीं | no |
| कछु | कुछ भी | any |
| प्रभुताई | प्रभुत्व का आग्रह | assertion of authority |
| सुनहु | सुनो | listen |
| करहु | करो | do |
| जो | जो | whatever |
| तुम्हहि | तुम्हें | to you |
| सोहाई | उचित लगे | seems fitting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.43
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 950
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका प्रजाको उपदेश (श्रीरामगीता), पुरवासियोंकी कृतज्ञता
- मुद्रित पृष्ठ
- 950, 950
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