उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक बार रघुनाथ बोलाए। गुर द्विज पुरबासी सब आए।।
मूल पाठ
एक बार रघुनाथ बोलाए। गुर द्विज पुरबासी सब आए।।
बैठे गुर मुनि अरु द्विज सज्जन। बोले बचन भगत भव भंजन।।
स्रोत अभिलेख 7.43 · पुस्तक पृ. 950, 950
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक बार श्रीरघुनाथजीके बुलाये हुए गुरु वसिष्ठजी, ब्राह्मण और अन्य सब नगरनिवासी सभामें आये। जब गुरु, मुनि, ब्राह्मण तथा अन्य सब सज्जन यथायोग्य बैठ गये, तब भक्तोंके जन्म-मरणको मिटानेवाले श्रीरामजी वचन बोले—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 950 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एक बार रघुनाथ बोलाए। गुर द्विज पुरबासी सब आए।।
English explanation
AI draft: Once Shri Rama summoned everyone. The guru, Brahmins, and townspeople all came.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक | one |
| बार | अवसर पर | occasion |
| रघुनाथ | रघुकुल के स्वामी श्रीराम ने | Shri Rama, lord of Raghu’s lineage |
| बोलाए | बुलाया | summoned |
| गुर | गुरु | the guru |
| द्विज | ब्राह्मण | Brahmins |
| पुरबासी | नगर के निवासी | townspeople |
| सब | सभी | all |
| आए | आए | came |
2 बैठे गुर मुनि अरु द्विज सज्जन। बोले बचन भगत भव भंजन।।
English explanation
The guru, sages, Brahmins, and good people sat down. Then Rama, who destroys his devotees’ bondage to worldly existence, spoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बैठे | बैठ गए | sat down |
| गुर | गुरु | the guru |
| मुनि | मुनि | sages |
| अरु | और | and |
| द्विज | ब्राह्मण | Brahmins |
| सज्जन | सज्जन लोग | good people |
| बोले | बोले | spoke |
| बचन | वचन | words |
| भगत | भक्तों के | of devotees |
| भव | संसार-बंधन को | bondage to worldly existence |
| भंजन | नष्ट करने वाले | the destroyer of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.43
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 950
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका प्रजाको उपदेश (श्रीरामगीता), पुरवासियोंकी कृतज्ञता
- मुद्रित पृष्ठ
- 950, 950
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