उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सत्व बहुत रज कछु रति कर्मा। सब बिधि सुख त्रेता कर धर्मा।।
मूल पाठ
सत्व बहुत रज कछु रति कर्मा। सब बिधि सुख त्रेता कर धर्मा।।
बहु रज स्वल्प सत्व कछु तामस। द्वापर धर्म हरष भय मानस।।
स्रोत अभिलेख 7.104 · पुस्तक पृ. 1006, 1007
भावार्थ
मूल पाठ के बादसत्त्वगुण अधिक हो, कुछ रजोगुण हो, कर्मोंमें प्रीति हो, सब प्रकारसे सुख हो, यह त्रेताका धर्म है। रजोगुण बहुत हो, सत्त्वगुण बहुत ही थोड़ा हो, कुछ तमोगुण हो, मनमें हर्ष और भय हो, यह द्वापरका धर्म है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1006 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सत्व बहुत रज कछु रति कर्मा। सब बिधि सुख त्रेता कर धर्मा।।
English explanation
Abundant sattva, some rajas, delight in action, and happiness in every way are the characteristics of the Treta age.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सत्व | सत्त्वगुण | the quality of clarity and goodness |
| बहुत | अधिक | abundant |
| रज | रजोगुण | the quality of passion and activity |
| कछु | कुछ | some |
| रति | रुचि | delight |
| कर्मा | कर्म में | in action |
| सब | सब | every |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| सुख | सुख | happiness |
| त्रेता | त्रेतायुग | the Treta age |
| कर | का | of |
| धर्मा | लक्षण | characteristics |
2 बहु रज स्वल्प सत्व कछु तामस। द्वापर धर्म हरष भय मानस।।
English explanation
Much rajas, little sattva, some tamas, and both joy and fear in the mind are the characteristics of the Dvapara age.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहु | अधिक | much |
| रज | रजोगुण | the quality of passion and activity |
| स्वल्प | थोड़ा | little |
| सत्व | सत्त्वगुण | the quality of clarity and goodness |
| कछु | कुछ | some |
| तामस | तमोगुण | the quality of darkness and inertia |
| द्वापर | द्वापरयुग के | of the Dvapara age |
| धर्म | लक्षण | characteristics |
| हरष | हर्ष | joy |
| भय | भय | fear |
| मानस | मन में | in the mind |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.104
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1006
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिका अपनी पूर्वजन्मकथा और कलिमहिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1006, 1007
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।