उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तामस बहुत रजोगुन थोरा। कलि प्रभाव बिरोध चहुँ ओरा।।
मूल पाठ
तामस बहुत रजोगुन थोरा। कलि प्रभाव बिरोध चहुँ ओरा।।
बुध जुग धर्म जानि मन माहीं। तजि अधर्म रति धर्म कराहीं।।
स्रोत अभिलेख 7.104 · पुस्तक पृ. 1006, 1007
भावार्थ
मूल पाठ के बादतमोगुण बहुत हो, रजोगुण थोड़ा हो, चारों ओर वैर-विरोध हो, यह कलियुगका प्रभाव है। पण्डित लोग युगोंके धर्मको मनमें जान (पहिचान) कर, अधर्म छोड़कर धर्ममें प्रीति करते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1006 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तामस बहुत रजोगुन थोरा। कलि प्रभाव बिरोध चहुँ ओरा।।
English explanation
Much tamas, little rajas, and conflict on every side are the effects of the Kali age.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तामस | तमोगुण | the quality of darkness and inertia |
| बहुत | अधिक | much |
| रजोगुन | रजोगुण | the quality of passion and activity |
| थोरा | थोड़ा | little |
| कलि | कलियुग का | of the Kali age |
| प्रभाव | प्रभाव | influence |
| बिरोध | विरोध | conflict |
| चहुँ | चारों | all four |
| ओरा | ओर | sides |
2 बुध जुग धर्म जानि मन माहीं। तजि अधर्म रति धर्म कराहीं।।
English explanation
The wise, discerning the characteristics of the ages within the mind, abandon unrighteousness and cultivate love for righteousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बुध | बुद्धिमान लोग | the wise |
| जुग | युगों के | of the ages |
| धर्म | लक्षण | characteristics |
| जानि | जानकर | having understood |
| मन | मन | the mind |
| माहीं | में | within |
| तजि | छोड़कर | abandoning |
| अधर्म | अधर्म | unrighteousness |
| रति | अनुराग | love |
| धर्म | धर्म में | for righteousness |
| कराहीं | करते हैं | cultivate |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.104
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1006
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिका अपनी पूर्वजन्मकथा और कलिमहिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1006, 1007
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।