उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
संत सहहिं दुख परहित लागी। परदुख हेतु असंत अभागी।।
मूल पाठ
संत सहहिं दुख परहित लागी। परदुख हेतु असंत अभागी।।
भूर्ज तरू सम संत कृपाला। परहित निति सह बिपति बिसाला।।
स्रोत अभिलेख 7.121 · पुस्तक पृ. 1032, 1035
भावार्थ
मूल पाठ के बादसंत दूसरोंकी भलाईके लिये दु:ख सहते हैं और अभागे असंत दूसरोंको दु:ख पहुँचानेके लिये। कृपालु संत भोजके वृक्षके समान दूसरोंके हितके लिये भारी विपत्ति सहते हैं (अपनी खालतक उधड़वा लेते हैं)॥ ८॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1033 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 संत सहहिं दुख परहित लागी। परदुख हेतु असंत अभागी।।
English explanation
Saints endure suffering for others’ welfare; unfortunate evildoers cause others suffering.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संत | संत | saints |
| सहहिं | सहते हैं | endure |
| दुख | दुःख | suffering |
| परहित | दूसरों के हित | others’ welfare |
| लागी | के लिए | for |
| परदुख | दूसरों के दुःख का | of others’ suffering |
| हेतु | कारण | cause |
| असंत | असंत | evildoers |
| अभागी | अभागे | unfortunate |
2 भूर्ज तरू सम संत कृपाला। परहित निति सह बिपति बिसाला।।
English explanation
Compassionate saints, like birch trees, continually endure great hardship for others’ welfare.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूर्ज | भोजपत्र का | birch |
| तरू | वृक्ष | tree |
| सम | समान | like |
| संत | संत | saints |
| कृपाला | दयालु | compassionate |
| परहित | दूसरों के हित के लिए | for others’ welfare |
| निति | नित्य | continually |
| सह | सहते हैं | endure |
| बिपति | विपत्ति | hardship |
| बिसाला | बड़ी | great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1033
- सहायक विषय
- गरुड़जीके सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डिके उत्तर
- मुद्रित पृष्ठ
- 1032, 1035
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