उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लागे करन ब्रह्म उपदेसा। अज अद्वेत अगुन हृदयेसा।।
मूल पाठ
लागे करन ब्रह्म उपदेसा। अज अद्वेत अगुन हृदयेसा।।
अकल अनीह अनाम अरुपा। अनुभव गम्य अखंड अनूपा।।
स्रोत अभिलेख 7.111 · पुस्तक पृ. 1016, 1018
भावार्थ
मूल पाठ के बादब्रह्मका उपदेश करने लगे कि वह अजन्मा है, अद्वैत है, निर्गुण है और हृदयका स्वामी (अन्तर्यामी) है। उसे कोई बुद्धिके द्वारा माप नहीं सकता, वह इच्छारहित, नामरहित, रूपरहित अनुभवसे जाननेयोग्य, अखण्ड और उपमारहित है,॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1017 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लागे करन ब्रह्म उपदेसा। अज अद्वेत अगुन हृदयेसा।।
English explanation
He began teaching about Brahman: unborn, nondual, beyond attributes, and lord of the heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लागे | लगे | began |
| करन | करने | to give |
| ब्रह्म | ब्रह्म का | about Brahman, the absolute reality |
| उपदेसा | उपदेश | instruction |
| अज | अजन्मा | unborn |
| अद्वेत | अद्वैत; जिसका कोई दूसरा नहीं | nondual; without a second |
| अगुन | गुणों से परे | beyond attributes |
| हृदयेसा | हृदय का स्वामी | lord of the heart |
2 अकल अनीह अनाम अरुपा। अनुभव गम्य अखंड अनूपा।।
English explanation
It is without parts, desire, name, or form; accessible through direct experience, undivided and incomparable.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अकल | अवयवरहित | without parts |
| अनीह | इच्छारहित | without desire |
| अनाम | नामरहित | nameless |
| अरुपा | निराकार | formless |
| अनुभव | प्रत्यक्ष अनुभूति से | through direct experience |
| गम्य | जानने योग्य | knowable |
| अखंड | अखंड; अविभाजित | undivided |
| अनूपा | अतुलनीय | incomparable |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.111
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1017
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिजीका लोमशजीके पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1016, 1018
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।