उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम भगति जल मम मन मीना। किमि बिलगाइ मुनीस प्रबीना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमेरा मन रामभक्तिरूपी जलमें मछली हो रहा है (उसीमें रम रहा है)। हे चतुर मुनीश्वर! ऐसी दशामें वह उससे अलग कैसे हो सकता है? आप दया करके मुझे वही उपदेश (उपाय) कहिये जिससे मैं श्रीरघुनाथजीको अपनी आँखोंसे देख सकूँ॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1017 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
राम भगति जल मम मन मीना। किमि बिलगाइ मुनीस प्रबीना।।
सोइ उपदेस कहहु करि दाया। निज नयनन्हि देखौं रघुराया।।
स्रोत अभिलेख 7.111 · पुस्तक पृ. 1016, 1018
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम भगति जल मम मन मीना। किमि बिलगाइ मुनीस प्रबीना।।
English explanation
Devotion to Rama is water, and my mind is a fish; O discerning sage, how can it be separated from that water?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम की | to Lord Rama |
| भगति | भक्ति | devotion |
| जल | जल है | is water |
| मम | मेरा | my |
| मन | मन | mind |
| मीना | मछली है | is a fish |
| किमि | कैसे | how |
| बिलगाइ | अलग किया जाए | can it be separated |
| मुनीस | हे मुनिश्रेष्ठ | O foremost sage |
| प्रबीना | प्रवीण; विवेकशील | discerning and skilled |
2 सोइ उपदेस कहहु करि दाया। निज नयनन्हि देखौं रघुराया।।
English explanation
Kindly give me that teaching by which I may see Rama with my own eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | वही | that very |
| उपदेस | उपदेश | teaching |
| कहहु | बताइए | please give |
| करि | करके | showing |
| दाया | दया | compassion |
| निज | अपनी | my own |
| नयनन्हि | आँखों से | with eyes |
| देखौं | मैं देख सकूँ | I may see |
| रघुराया | रघुकुल के राजा राम को | Rama, king of Raghu’s lineage |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.111
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1017
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिजीका लोमशजीके पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1016, 1018
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।