उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम कथा गिरिजा मैं बरनी। कलि मल समनि मनोमल हरनी।।
मूल पाठ
राम कथा गिरिजा मैं बरनी। कलि मल समनि मनोमल हरनी।।
संसृति रोग सजीवन मूरी। राम कथा गावहिं श्रुति सूरी।।
स्रोत अभिलेख 7.129 · पुस्तक पृ. 1043, 1044
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे गिरिजे! मैंने कलियुगके पापोंका नाश करनेवाली और मनके मलको दूर करनेवाली रामकथाका वर्णन किया। यह रामकथा संसृति (जन्म-मरण)-रूपी रोगके [नाशके] लिये संजीवनी जड़ी है, वेद और विद्वान् पुरुष ऐसा कहते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1043 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 राम कथा गिरिजा मैं बरनी। कलि मल समनि मनोमल हरनी।।
English explanation
AI draft: O Parvati, I have recounted Rama’s story, which allays the impurities of the age of Kali and removes the mind’s impurity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम की | of Lord Rama |
| कथा | कथा | story |
| गिरिजा | हे पार्वती | O Parvati, daughter of the mountain |
| मैं | मैंने | I |
| बरनी | वर्णन किया | recounted |
| कलि | कलियुग के | of the age of Kali |
| मल | पाप और मलिनता | sins and impurity |
| समनि | शांत करने वाली | allaying |
| मनोमल | मन की मलिनता | the mind’s impurity |
| हरनी | हरने वाली | removing |
2 संसृति रोग सजीवन मूरी। राम कथा गावहिं श्रुति सूरी।।
English explanation
Rama’s story is a life-restoring herb for the disease of worldly existence; the Vedas and the wise sing it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संसृति | जन्म-मरण का संसार | worldly existence and rebirth |
| रोग | रोग | disease |
| सजीवन | जीवन देने वाली | life-restoring |
| मूरी | औषधीय जड़ी | medicinal herb or root |
| राम | भगवान राम की | of Lord Rama |
| कथा | कथा | story |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| सूरी | ज्ञानी जन | the wise |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.129
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1043
- सहायक विषय
- रामायण-माहात्म्य, तुलसी-विनय और फलस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 1043, 1044
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।