उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम उदर देखेउँ जग नाना। देखत बनइ न जाइ बखाना।।
मूल पाठ
राम उदर देखेउँ जग नाना। देखत बनइ न जाइ बखाना।।
तहँ पुनि देखेउँ राम सुजाना। माया पति कृपाल भगवाना।।
स्रोत अभिलेख 7.82 · पुस्तक पृ. 984, 985
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीके पेटमें मैंने बहुत-से जगत् देखे, जो देखते ही बनते थे, वर्णन नहीं किये जा सकते। वहाँ फिर मैंने सुजान मायाके स्वामी कृपालु भगवान् श्रीरामको देखा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 985 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम उदर देखेउँ जग नाना। देखत बनइ न जाइ बखाना।।
English explanation
Within Rama’s belly I saw many worlds; they can be seen, but cannot be described.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम के | of Rama |
| उदर | उदर में | within the belly |
| देखेउँ | मैंने देखे | I saw |
| जग | जगत | worlds |
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
| देखत | देखना | seeing |
| बनइ | संभव है | is possible |
| न | नहीं | not |
| जाइ | किया जा सकता | can be done |
| बखाना | वर्णन | description |
2 तहँ पुनि देखेउँ राम सुजाना। माया पति कृपाल भगवाना।।
English explanation
There I again saw wise Rama, the lord of maya, the compassionate God.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तहँ | वहाँ | there |
| पुनि | फिर | again |
| देखेउँ | मैंने देखा | I saw |
| राम | भगवान राम को | Lord Rama |
| सुजाना | सुजान; भलीभाँति जानने वाले | wise; knowing well |
| माया | माया के | of maya, the power of illusion |
| पति | स्वामी | lord |
| कृपाल | कृपालु | compassionate |
| भगवाना | भगवान | God |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 985
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 984, 985
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।