उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम अनंत अनंत गुनानी। जन्म कर्म अनंत नामानी।।
मूल पाठ
राम अनंत अनंत गुनानी। जन्म कर्म अनंत नामानी।।
जल सीकर महि रज गनि जाहीं। रघुपति चरित न बरनि सिराहीं।।
स्रोत अभिलेख 7.52 · पुस्तक पृ. 958, 958
भावार्थ
मूल पाठ के बादभगवान् श्रीराम अनन्त हैं; उनके गुण अनन्त हैं; जन्म, कर्म और नाम भी अनन्त हैं। जलकी बूँदें और पृथ्वीके रज-कण चाहे गिने जा सकते हों, पर श्रीरघुनाथजीके चरित्र वर्णन करनेसे नहीं चुकते॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 958 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राम अनंत अनंत गुनानी। जन्म कर्म अनंत नामानी।।
English explanation
Rama is infinite, and his qualities are infinite; his births, deeds, and names are also infinite.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
| अनंत | अनंत हैं | is infinite |
| अनंत | अनंत हैं | are infinite |
| गुनानी | गुण | qualities |
| जन्म | जन्म, अवतरण | births, manifestations |
| कर्म | कर्म, कार्य | deeds |
| अनंत | अनंत | infinite |
| नामानी | नाम | names |
2 जल सीकर महि रज गनि जाहीं। रघुपति चरित न बरनि सिराहीं।।
English explanation
Water droplets and the earth’s dust particles might be counted, but Rama’s deeds cannot be exhausted by describing them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जल | जल की | of water |
| सीकर | बूँदें | droplets |
| महि | पृथ्वी की | of the earth |
| रज | धूल के कण | dust particles |
| गनि | गिने | counted |
| जाहीं | जा सकते हैं | may be |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम के | of Rama, lord of Raghu’s lineage |
| चरित | चरित | deeds |
| न | नहीं | not |
| बरनि | वर्णन करके | by describing |
| सिराहीं | समाप्त किए जा सकते | can be exhausted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.52
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 958
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 958, 958
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।