उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोह सकल ब्याधिन्ह कर मूला। तिन्ह ते पुनि उपजहिं बहु सूला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसब रोगोंकी जड़ मोह (अज्ञान) है। उन व्याधियोंसे फिर और बहुत-से शूल उत्पन्न होते हैं। काम वात है, लोभ अपार (बढ़ा हुआ) कफ है और क्रोध पित्त है जो सदा छाती जलाता रहता है॥ १५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1035 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मोह सकल ब्याधिन्ह कर मूला। तिन्ह ते पुनि उपजहिं बहु सूला।।
काम बात कफ लोभ अपारा। क्रोध पित्त नित छाती जारा।।
स्रोत अभिलेख 7.121 · पुस्तक पृ. 1032, 1035
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मोह सकल ब्याधिन्ह कर मूला। तिन्ह ते पुनि उपजहिं बहु सूला।।
English explanation
Delusion is the root of all diseases; from them arise many further pains.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोह | मोह, भ्रमपूर्ण आसक्ति | delusion and attachment |
| सकल | सभी | all |
| ब्याधिन्ह | रोगों | diseases |
| कर | की | of |
| मूला | जड़ | root |
| तिन्ह | उन रोगों | those diseases |
| ते | से | from |
| पुनि | फिर | further |
| उपजहिं | उत्पन्न होती हैं | arise |
| बहु | अनेक | many |
| सूला | पीड़ाएँ | pains |
2 काम बात कफ लोभ अपारा। क्रोध पित्त नित छाती जारा।।
English explanation
Lust is wind-humor, boundless greed is phlegm, and anger is bile, continually burning the chest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काम | कामवासना | lust |
| बात | वात-दोष | wind-humor |
| कफ | कफ-दोष | phlegm-humor |
| लोभ | लोभ | greed |
| अपारा | असीम | boundless |
| क्रोध | क्रोध | anger |
| पित्त | पित्त-दोष | bile-humor |
| नित | सदा | continually |
| छाती | छाती | chest |
| जारा | जलाता है | burns |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1035
- सहायक विषय
- गरुड़जीके सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डिके उत्तर
- मुद्रित पृष्ठ
- 1032, 1035
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।