उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मै कृत्कृत्य भयउँ तव बानी। सुनि रघुबीर भगति रस सानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरघुवीरके भक्ति-रसमें सनी हुई आपकी वाणी सुनकर मैं कृतकृत्य हो गया। श्रीरामजीके चरणोंमें मेरी नवीन प्रीति हो गयी और मायासे उत्पन्न सारी विपत्ति चली गयी॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1040 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मै कृत्कृत्य भयउँ तव बानी। सुनि रघुबीर भगति रस सानी।।
राम चरन नूतन रति भई। माया जनित बिपति सब गई।।
स्रोत अभिलेख 7.125 · पुस्तक पृ. 1040, 1040
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मै कृत्कृत्य भयउँ तव बानी। सुनि रघुबीर भगति रस सानी।।
English explanation
AI-generated draft: Hearing your words steeped in devotion to Lord Rama, I have become fulfilled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मै | मैं | I |
| कृत्कृत्य | कृतार्थ; जिसका उद्देश्य पूरा हुआ | fulfilled; having attained one's purpose |
| भयउँ | हो गया | have become |
| तव | तुम्हारी | your |
| बानी | वाणी | words; speech |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| रघुबीर | रघुकुल के वीर श्रीराम की | of Rama, hero of the Raghu lineage |
| भगति | भक्ति | devotion |
| रस | रस में | in the savor |
| सानी | सनी हुई | steeped |
2 राम चरन नूतन रति भई। माया जनित बिपति सब गई।।
English explanation
Fresh love for Rama's feet arose, and all affliction caused by illusion disappeared.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम के | of Lord Rama |
| चरन | चरणों में | at the feet |
| नूतन | नया | fresh; new |
| रति | प्रेम | love |
| भई | उत्पन्न हुआ | arose |
| माया | माया; भ्रम | illusion |
| जनित | से उत्पन्न | caused by |
| बिपति | विपत्ति; कष्ट | affliction |
| सब | सारी | all |
| गई | दूर हो गई | disappeared |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.125
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1040
- सहायक विषय
- रामायण-माहात्म्य, तुलसी-विनय और फलस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 1040, 1040
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।