उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मूढ़ परम सिख देउँ न मानसि। उत्तर प्रतिउत्तर बहु आनसि।।
मूल पाठ
मूढ़ परम सिख देउँ न मानसि। उत्तर प्रतिउत्तर बहु आनसि।।
सत्य बचन बिस्वास न करही। बायस इव सबही ते डरही।।
स्रोत अभिलेख 7.112 · पुस्तक पृ. 1018, 1019
भावार्थ
मूल पाठ के बादअरे मूढ़! मैं तुझे सर्वोत्तम शिक्षा देता हूँ, तो भी तू उसे नहीं मानता और बहुत-से उत्तर- प्रत्युत्तर (दलीलें) लाकर रखता है। मेरे सत्य वचनपर विश्वास नहीं करता! कौएकी भाँति सभीसे डरता है॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1019 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मूढ़ परम सिख देउँ न मानसि। उत्तर प्रतिउत्तर बहु आनसि।।
English explanation
Utter fool! I instruct you, but you do not accept it; you bring forward many replies and counter-replies.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मूढ़ | हे मूर्ख | O fool |
| परम | अत्यंत | utterly |
| सिख | शिक्षा | instruction |
| देउँ | मैं देता हूँ | I give |
| न | नहीं | not |
| मानसि | तू मानता है | you accept |
| उत्तर | उत्तर | replies |
| प्रतिउत्तर | जवाबी तर्क | counter-replies |
| बहु | बहुत | many |
| आनसि | तू लाता है | you bring forward |
2 सत्य बचन बिस्वास न करही। बायस इव सबही ते डरही।।
English explanation
You do not trust truthful words and, like a crow, fear everyone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सत्य | सत्य | truthful |
| बचन | वचनों पर | words |
| बिस्वास | विश्वास | trust |
| न | नहीं | not |
| करही | तू करता है | you place |
| बायस | कौए | a crow |
| इव | की तरह | like |
| सबही | सब | everyone |
| ते | से | of |
| डरही | तू डरता है | you are afraid |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.112
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1019
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिजीका लोमशजीके पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1018, 1019
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।