उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
माया भगति सुनहु तुम्ह दोऊ। नारि बर्ग जानइ सब कोऊ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दआप सुनिये, माया और भक्ति—ये दोनों ही स्त्रीवर्गकी हैं, यह सब कोई जानते हैं। फिर श्रीरघुवीरको भक्ति प्यारी है। माया बेचारी तो निश्चय ही नाचनेवाली (नटिनीमात्र) है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1025 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
माया भगति सुनहु तुम्ह दोऊ। नारि बर्ग जानइ सब कोऊ।।
पुनि रघुबीरहि भगति पिआरी। माया खलु नर्तकी बिचारी।।
स्रोत अभिलेख 7.116 · पुस्तक पृ. 1025, 1025
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 माया भगति सुनहु तुम्ह दोऊ। नारि बर्ग जानइ सब कोऊ।।
English explanation
Listen: everyone regards both maya and devotion as belonging to the female category.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| माया | माया, मोहकारी शक्ति | maya, the power of illusion |
| भगति | भक्ति | devotion |
| सुनहु | सुनो | listen |
| तुम्ह | तुम | you |
| दोऊ | दोनों, माया और भक्ति | both, maya and devotion |
| नारि | स्त्री | female |
| बर्ग | वर्ग के | of the category |
| जानइ | जानता है, मानता है | knows, regards |
| सब | सब | every |
| कोऊ | कोई, व्यक्ति | one, person |
2 पुनि रघुबीरहि भगति पिआरी। माया खलु नर्तकी बिचारी।।
English explanation
Moreover, devotion is dear to Rama; maya is indeed merely a poor dancing woman.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर, इसके अतिरिक्त | moreover |
| रघुबीरहि | श्रीराम को | to Rama, hero of Raghu's lineage |
| भगति | भक्ति | devotion |
| पिआरी | प्रिय | dear |
| माया | माया | maya, the power of illusion |
| खलु | निश्चय ही, तो | indeed |
| नर्तकी | नाचने वाली स्त्री | dancing woman |
| बिचारी | बेचारी | poor, pitiable |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.116
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1025
- सहायक विषय
- ज्ञान-भक्ति-निरूपण, ज्ञानदीपक और भक्तिकी महान् महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 1025, 1025
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