उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मामवलोकय पंकज लोचन। कृपा बिलोकनि सोच बिमोचन।।
मूल पाठ
मामवलोकय पंकज लोचन। कृपा बिलोकनि सोच बिमोचन।।
नील तामरस स्याम काम अरि। हृदय कंज मकरंद मधुप हरि।।
स्रोत अभिलेख 7.51 · पुस्तक पृ. 957, 957
भावार्थ
मूल पाठ के बादकृपापूर्वक देख लेनेमात्रसे शोकके छुड़ानेवाले हे कमलनयन! मेरी ओर देखिये (मुझपर भी कृपादृष्टि कीजिये)। हे हरि! आप नील कमलके समान श्यामवर्ण और कामदेवके शत्रु महादेवजीके हृदयकमलके मकरन्द (प्रेम-रस) के पान करनेवाले भ्रमर हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 957 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मामवलोकय पंकज लोचन। कृपा बिलोकनि सोच बिमोचन।।
English explanation
AI-draft meaning: O lotus-eyed Lord, look upon me. Your compassionate glance dispels sorrow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मामवलोकय | मुझे देखिए | look upon me |
| पंकज | कमल जैसे | lotus-like |
| लोचन | नेत्रों वाले | O one with such eyes |
| कृपा | करुणामयी | compassionate |
| बिलोकनि | दृष्टि | glance |
| सोच | शोक या चिंता | sorrow or anxiety |
| बिमोचन | दूर करने वाली | dispelling |
2 नील तामरस स्याम काम अरि। हृदय कंज मकरंद मधुप हरि।।
English explanation
O Hari, you are dark like a blue lotus, the bee drinking nectar from the lotus-heart of Shiva, the enemy of the god of desire.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नील | नीला | blue |
| तामरस | कमल | lotus |
| स्याम | उसके समान श्यामवर्ण | dark-hued like it |
| काम | कामदेव | the god of desire |
| अरि | शत्रु; यहाँ शिव | enemy; here, Shiva |
| हृदय | हृदय | heart |
| कंज | कमल | lotus |
| मकरंद | पुष्परस | nectar |
| मधुप | रस पीने वाला भौंरा | nectar-drinking bee |
| हरि | हे हरि, यहाँ राम | O Hari, here Rama |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.51
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 957
- सहायक विषय
- नारदजीका आना और स्तुति करके ब्रह्मलोकको लौट जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 957, 957
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।