उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
महिमा अमित बेद नहिं जाना। मैं केहि भाँति कहउँ भगवाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे भगवन्! आपकी महिमाकी सीमा नहीं है, उसे वेद भी नहीं जानते। फिर मैं किस प्रकार कह सकता हूँ? पुरोहितीका कर्म (पेशा) बहुत ही नीचा है। वेद, पुराण और स्मृति सभी इसकी निन्दा करते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 954 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
महिमा अमित बेद नहिं जाना। मैं केहि भाँति कहउँ भगवाना।।
उपरोहित्य कर्म अति मंदा। बेद पुरान सुमृति कर निंदा।।
स्रोत अभिलेख 7.48 · पुस्तक पृ. 954, 955
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 महिमा अमित बेद नहिं जाना। मैं केहि भाँति कहउँ भगवाना।।
English explanation
Your glory is limitless; even the Vedas have not comprehended it. O Lord, how could I describe it?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महिमा | आपकी महिमा | your glory |
| अमित | असीम | limitless |
| बेद | वेद | the Vedas |
| नहिं | नहीं | not |
| जाना | जान पाए | have comprehended |
| मैं | मैं | I |
| केहि | किस | what |
| भाँति | प्रकार से | in a manner |
| कहउँ | कहूँ | might describe |
| भगवाना | हे भगवान | O Lord |
2 उपरोहित्य कर्म अति मंदा। बेद पुरान सुमृति कर निंदा।।
English explanation
Serving as a priest is regarded as a very lowly occupation; the Vedas, Puranas, and Smriti texts condemn it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उपरोहित्य | पुरोहित का कार्य | priestly service |
| कर्म | कार्य | occupation |
| अति | अत्यंत | very |
| मंदा | निकृष्ट | lowly |
| बेद | वेद | the Vedas |
| पुरान | पुराण | the Puranas |
| सुमृति | स्मृति-ग्रंथ | Smriti texts |
| कर | करते हैं | make |
| निंदा | निंदा | condemnation |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.48
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 954
- सहायक विषय
- श्रीराम-वसिष्ठ-संवाद, श्रीरामजीका भाइयोंसहित अमराईमें जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 954, 955
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।