उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मम माया संभव संसारा। जीव चराचर बिबिधि प्रकारा।।
मूल पाठ
मम माया संभव संसारा। जीव चराचर बिबिधि प्रकारा।।
सब मम प्रिय सब मम उपजाए। सब ते अधिक मनुज मोहि भाए।।
स्रोत अभिलेख 7.86 · पुस्तक पृ. 988, 988
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह सारा संसार मेरी मायासे उत्पन्न है। [इसमें] अनेकों प्रकारके चराचर जीव हैं। वे सभी मुझे प्रिय हैं; क्योंकि सभी मेरे उत्पन्न किये हुए हैं। [किन्तु] मनुष्य मुझको सबसे अधिक अच्छे लगते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 988 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1मम माया संभव संसारा। जीव चराचर बिबिधि प्रकारा।।
English explanation
This world and its many kinds of moving and unmoving beings arise from my maya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मम | मेरी | my |
| माया | माया; जगत प्रकट करने वाली शक्ति | maya, the power that manifests the world |
| संभव | से उत्पन्न | arising from |
| संसारा | संसार | the world |
| जीव | जीव | living beings |
| चराचर | चलने वाले और स्थिर | moving and unmoving |
| बिबिधि | विविध | various |
| प्रकारा | प्रकार के | of kinds |
2 सब मम प्रिय सब मम उपजाए। सब ते अधिक मनुज मोहि भाए।।
English explanation
All are dear to me, and all have been brought forth by me; among them, human beings please me most.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सभी | all |
| मम | मुझे | to me |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| सब | सभी | all |
| मम | मेरे द्वारा | by me |
| उपजाए | उत्पन्न किए हुए | brought forth |
| सब | सब | all |
| ते | से | than |
| अधिक | अधिक | more |
| मनुज | मनुष्य | human beings |
| मोहि | मुझे | to me |
| भाए | प्रिय लगते हैं | are pleasing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.86
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 988
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 988, 988
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।