उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बीथीं सकल सुगंध सिंचाई। गजमनि रचि बहु चौक पुराई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसारी गलियाँ सुगन्धित द्रवोंसे सिंचायी गयीं। गजमुक्ताओंसे रचकर बहुत-सी चौकें पुरायी गयीं। अनेकों प्रकारके सुन्दर मङ्गल-साज सजाये गये और हर्षपूर्वक नगरमें बहुत-से डंके बजने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 916 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बीथीं सकल सुगंध सिंचाई। गजमनि रचि बहु चौक पुराई।।
नाना भाँति सुमंगल साजे। हरषि नगर निसान बहु बाजे।।
स्रोत अभिलेख 7.9 · पुस्तक पृ. 916, 917
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बीथीं सकल सुगंध सिंचाई। गजमनि रचि बहु चौक पुराई।।
English explanation
All the streets were sprinkled with fragrant water, and many auspicious floor designs were laid out and adorned with elephant pearls.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बीथीं | गलियाँ | streets |
| सकल | सभी | all |
| सुगंध | सुगंधित जल से | with fragrant water |
| सिंचाई | सिंचवाईं | had sprinkled |
| गजमनि | गजमणियों से | with elephant pearls |
| रचि | सजाकर | having adorned |
| बहु | बहुत-से | many |
| चौक | मंगलकारी भूमि-अलंकरण | auspicious floor designs |
| पुराई | बनवाए | had laid out |
2 नाना भाँति सुमंगल साजे। हरषि नगर निसान बहु बाजे।।
English explanation
Many kinds of auspicious decorations were prepared, and numerous ceremonial drums resounded joyfully throughout the city.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाना | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार की | kinds of |
| सुमंगल | शुभ मंगल-सज्जाएँ | auspicious decorations |
| साजे | सजाई गईं | were prepared |
| हरषि | हर्ष के साथ | joyfully |
| नगर | नगर में | in the city |
| निसान | नगाड़े | ceremonial kettledrums |
| बहु | बहुत-से | many |
| बाजे | बजे | resounded |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 916
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 916, 917
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।