उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जहँ तहँ नारि निछावर करहीं। देहिं असीस हरष उर भरहीं।।
मूल पाठ
जहँ तहँ नारि निछावर करहीं। देहिं असीस हरष उर भरहीं।।
कंचन थार आरती नाना। जुबती सजें करहिं सुभ गाना।।
स्रोत अभिलेख 7.9 · पुस्तक पृ. 916, 917
भावार्थ
मूल पाठ के बादस्त्रियाँ जहाँ-तहाँ निछावर कर रही हैं, और हृदयमें हर्षित होकर आशीर्वाद देती हैं। बहुत-सी युवती [सौभाग्यवती] स्त्रियाँ सोनेके थालोंमें अनेकों प्रकारकी आरती सजकर मङ्गलगान कर रही हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 916 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जहँ तहँ नारि निछावर करहीं। देहिं असीस हरष उर भरहीं।।
English explanation
Everywhere, women made ceremonial offerings, gave blessings, and filled their hearts with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | where |
| तहँ | वहाँ; यहाँ-वहाँ | there; everywhere in this pairing |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| निछावर | सम्मान में वारकर अर्पण | ceremonial offerings made in honor |
| करहीं | करती हैं | make |
| देहिं | देती हैं | give |
| असीस | आशीर्वाद | blessings |
| हरष | आनंद | joy |
| उर | हृदयों में | in their hearts |
| भरहीं | भरती हैं | fill |
2 कंचन थार आरती नाना। जुबती सजें करहिं सुभ गाना।।
English explanation
Young women arranged various offerings for the lamp ceremony on golden trays and sang auspicious songs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कंचन | सोने के | golden |
| थार | थालों में | on trays |
| आरती | आरती की सामग्री | offerings for the lamp ceremony |
| नाना | विविध | various |
| जुबती | युवतियाँ | young women |
| सजें | सजाती हैं | arrange |
| करहिं | करती हैं | perform |
| सुभ | मंगलकारी | auspicious |
| गाना | गायन | singing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 916
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 916, 917
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