उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिनु बिग्यान कि समता आवइ। कोउ अवकास कि नभ बिनु पावइ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दविज्ञान (तत्त्वज्ञान) के बिना क्या समभाव आ सकता है? आकाशके बिना क्या कोई अवकाश (पोल) पा सकता है? श्रद्धाके बिना धर्म [का आचरण] नहीं होता। क्या पृथ्वीतत्त्वके बिना कोई गन्ध पा सकता है?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 992 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बिनु बिग्यान कि समता आवइ। कोउ अवकास कि नभ बिनु पावइ।।
श्रद्धा बिना धर्म नहिं होई। बिनु महि गंध कि पावइ कोई।।
स्रोत अभिलेख 7.9 · पुस्तक पृ. 992, 992
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिनु बिग्यान कि समता आवइ। कोउ अवकास कि नभ बिनु पावइ।।
English explanation
Can equanimity arise without realized understanding? Can anyone find space without the sky?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिनु | बिना | without |
| बिग्यान | अनुभवजन्य तत्त्वज्ञान | realized spiritual understanding |
| कि | क्या | can …? |
| समता | समभाव | equanimity |
| आवइ | आता है | arises |
| कोउ | कोई | anyone |
| अवकास | स्थान या विस्तार | space or room |
| कि | क्या | can …? |
| नभ | आकाश | sky or ether |
| बिनु | बिना | without |
| पावइ | पाता है | obtains |
2 श्रद्धा बिना धर्म नहिं होई। बिनु महि गंध कि पावइ कोई।।
English explanation
Without faith, there is no religious practice. Can anyone perceive smell without earth?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्रद्धा | आस्था | faith |
| बिना | बिना | without |
| धर्म | धर्माचरण | religious practice |
| नहिं | नहीं | not |
| होई | होता है | comes about |
| बिनु | बिना | without |
| महि | पृथ्वी | earth |
| गंध | गंध | smell |
| कि | क्या | can …? |
| पावइ | पाता है | perceives |
| कोई | कोई | anyone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 992
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 992, 992
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।