उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिगत काम मम नाम परायन। सांति बिरति बिनती मुदितायन।।
मूल पाठ
बिगत काम मम नाम परायन। सांति बिरति बिनती मुदितायन।।
सीतलता सरलता मयत्री। द्विज पद प्रीति धर्म जनयत्री।।
स्रोत अभिलेख 7.38 · पुस्तक पृ. 945, 946
भावार्थ
मूल पाठ के बादउनको कोई कामना नहीं होती। वे मेरे नामके परायण होते हैं। शान्ति, वैराग्य, विनय और प्रसन्नताके घर होते हैं। उनमें शीतलता, सरलता, सबके प्रति मित्रभाव और ब्राह्मणके चरणोंमें प्रीति होती है, जो धर्मोंको उत्पन्न करनेवाली है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 946 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिगत काम मम नाम परायन। सांति बिरति बिनती मुदितायन।।
English explanation
They are free from desire and devoted to my name; they are abodes of peace, detachment, humility, and joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिगत | रहित; दूर हो चुका | free from; departed |
| काम | कामना या वासना | desire or lust |
| मम | मेरे; राम के | my; Rama’s |
| नाम | नाम में | name |
| परायन | पूर्णतः समर्पित | wholly devoted to |
| सांति | शांति | peace |
| बिरति | वैराग्य | detachment |
| बिनती | विनय; नम्रता | humility |
| मुदितायन | प्रसन्नता के आश्रय | abodes of joy |
2 सीतलता सरलता मयत्री। द्विज पद प्रीति धर्म जनयत्री।।
English explanation
They possess calmness, simplicity, and friendliness, together with love for the feet of Brahmins—a love that gives rise to righteousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीतलता | शांत, शीतल स्वभाव | calmness of disposition |
| सरलता | सीधापन; निष्कपटता | simplicity; straightforwardness |
| मयत्री | मैत्री; मित्रभाव | friendliness |
| द्विज | ब्राह्मणों के | of Brahmins |
| पद | चरणों में | for the feet |
| प्रीति | प्रेम; श्रद्धा | love; reverence |
| धर्म | धर्म को | righteousness |
| जनयत्री | जन्म देने वाली | giving rise to |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 946
- सहायक विषय
- हनुमान्जीके द्वारा भरतजीका प्रश्न और श्रीरामजीका उपदेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 945, 946
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।