उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बहुरि राम अभिषेक प्रसंगा। पुनि नृप बचन राज रस भंगा।।
मूल पाठ
बहुरि राम अभिषेक प्रसंगा। पुनि नृप बचन राज रस भंगा।।
पुरबासिन्ह कर बिरह बिषादा। कहेसि राम लछिमन संबादा।।
स्रोत अभिलेख 7.65 · पुस्तक पृ. 969, 969
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर श्रीरामजीके राज्याभिषेकका प्रसङ्ग, फिर राजा दशरथजीके वचनसे राजरस (राज्याभिषेकके आनन्द)में भङ्ग पडऩा, फिर नगरनिवासियोंका विरह, विषाद और श्रीराम-लक्ष्मणका संवाद (बातचीत) कहा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 969 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बहुरि राम अभिषेक प्रसंगा। पुनि नृप बचन राज रस भंगा।।
English explanation
Next came the account of Rama’s proposed coronation and the disruption of royal happiness through the king’s promise. (This is an AI-generated draft of the meanings.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then |
| राम | श्रीराम का | of Rama |
| अभिषेक | राज्याभिषेक | coronation |
| प्रसंगा | प्रसंग; वृत्तांत | episode; account |
| पुनि | फिर | next |
| नृप | राजा दशरथ के | of King Dasharatha |
| बचन | वचन; दिए हुए वादे | word; pledged promise |
| राज | राज्य का | of kingship |
| रस | सुख; आनंद | pleasure; joy |
| भंगा | भंग; बाधित होना | disruption; being thwarted |
2 पुरबासिन्ह कर बिरह बिषादा। कहेसि राम लछिमन संबादा।।
English explanation
He recounted the townspeople’s sorrow at separation and the dialogue between Rama and Lakshmana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुरबासिन्ह | नगरवासियों | the townspeople |
| कर | का | of |
| बिरह | वियोग का | of separation |
| बिषादा | दुःख; विषाद | sorrow; grief |
| कहेसि | उसने कहा; सुनाया | he told; recounted |
| राम | श्रीराम | Rama |
| लछिमन | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| संबादा | संवाद | dialogue |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.65
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 969
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 969, 969
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।