उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बर तर कह हरि कथा प्रसंगा। आवहिं सुनहिं अनेक बिहंगा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दबरगदके नीचे वह श्रीहरिकी कथाओंके प्रसङ्ग कहता है। वहाँ अनेकों पक्षी आते और कथा सुनते हैं। वह विचित्र रामचरित्रको अनेकों प्रकारसे प्रेमसहित आदरपूर्वक गान करता है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 962 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बर तर कह हरि कथा प्रसंगा। आवहिं सुनहिं अनेक बिहंगा।।
राम चरित बिचीत्र बिधि नाना। प्रेम सहित कर सादर गाना।।
स्रोत अभिलेख 7.57 · पुस्तक पृ. 962, 962
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बर तर कह हरि कथा प्रसंगा। आवहिं सुनहिं अनेक बिहंगा।।
English explanation
Beneath the banyan, he recounts episodes about Hari. Many birds come and listen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बर | बरगद के | the banyan tree |
| तर | नीचे | beneath |
| कह | कहता है | recounts |
| हरि | भगवान हरि की | of Hari, the Lord |
| कथा | कथा | story |
| प्रसंगा | प्रसंग | episodes |
| आवहिं | आते हैं | come |
| सुनहिं | सुनते हैं | listen |
| अनेक | अनेक | many |
| बिहंगा | पक्षी | birds |
2 राम चरित बिचीत्र बिधि नाना। प्रेम सहित कर सादर गाना।।
English explanation
He lovingly and reverently sings Rama’s wondrous deeds in many ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम के | of Lord Rama |
| चरित | चरित, जीवन और कर्म | life and deeds |
| बिचीत्र | अद्भुत | wondrous |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| नाना | अनेक | many |
| प्रेम | प्रेम | love |
| सहित | सहित | with |
| कर | करता है | performs |
| सादर | आदरपूर्वक | reverently |
| गाना | गान | singing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.57
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 962
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 962, 962
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।