उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बरन धर्म नहिं आश्रम चारी। श्रुति बिरोध रत सब नर नारी।।
मूल पाठ
बरन धर्म नहिं आश्रम चारी। श्रुति बिरोध रत सब नर नारी।।
द्विज श्रुति बेचक भूप प्रजासन। कोउ नहिं मान निगम अनुसासन।।
स्रोत अभिलेख 7.98 · पुस्तक पृ. 1000, 1000
भावार्थ
मूल पाठ के बादकलियुगमें न वर्णधर्म रहता है, न चारों आश्रम रहते हैं। सब पुरुष-स्त्री वेदके विरोधमें लगे रहते हैं। ब्राह्मण वेदोंके बेचनेवाले और राजा प्रजाको खा डालनेवाले होते हैं। वेदकी आज्ञा कोई नहीं मानता॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1000 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बरन धर्म नहिं आश्रम चारी। श्रुति बिरोध रत सब नर नारी।।
English explanation
Neither the duties of the social orders nor the system of the four stages of life is observed. All men and women are engaged in opposing the Vedas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरन | वर्ण; सामाजिक वर्ग | social order or class |
| धर्म | निर्धारित कर्तव्य | prescribed duties |
| नहिं | नहीं | not |
| आश्रम | जीवन की धार्मिक अवस्थाएँ | religious stages of life |
| चारी | चारों | all four |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| बिरोध | विरोध में | in opposition to |
| रत | लगे हुए | engaged |
| सब | सभी | all |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
2 द्विज श्रुति बेचक भूप प्रजासन। कोउ नहिं मान निगम अनुसासन।।
English explanation
Brahmins sell the Vedas, and kings devour—that is, exploit—their subjects. No one follows the discipline prescribed by the Vedas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| द्विज | ब्राह्मण | Brahmins |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| बेचक | बेचने वाले | sellers |
| भूप | राजा | kings |
| प्रजासन | प्रजा को भक्षण करने वाले; शोषक | devourers of their subjects; exploiters |
| कोउ | कोई भी | anyone |
| नहिं | नहीं | not |
| मान | मानता है | obeys |
| निगम | वेदों का | of the Vedas |
| अनुसासन | अनुशासन; निर्देश | discipline; injunctions |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.98
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1000
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिका अपनी पूर्वजन्मकथा और कलिमहिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1000, 1000
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।