उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रथमहिं कहहु नाथ मतिधीरा। सब ते दुर्लभ कवन सरीरा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे नाथ! हे धीरबुद्धि! पहले तो यह बताइये कि सबसे दुर्लभ कौन-सा शरीर है? फिर सबसे बड़ा दु:ख कौन है और सबसे बड़ा सुख कौन है, यह भी विचारकर संक्षेपमें ही कहिये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1032 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
प्रथमहिं कहहु नाथ मतिधीरा। सब ते दुर्लभ कवन सरीरा।।
बड़ दुख कवन कवन सुख भारी। सोउ संछेपहिं कहहु बिचारी।।
स्रोत अभिलेख 7.121 · पुस्तक पृ. 1032, 1035
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 प्रथमहिं कहहु नाथ मतिधीरा। सब ते दुर्लभ कवन सरीरा।।
English explanation
O lord of steady understanding, first tell me which body is the rarest of all.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रथमहिं | सबसे पहले | first of all |
| कहहु | बताइए | please tell |
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| मतिधीरा | हे स्थिर बुद्धिवाले | O one of steady understanding |
| सब | सब | all |
| ते | से | than |
| दुर्लभ | दुर्लभ | rare |
| कवन | कौन-सा | which |
| सरीरा | शरीर | body |
2 बड़ दुख कवन कवन सुख भारी। सोउ संछेपहिं कहहु बिचारी।।
English explanation
What is the greatest sorrow, and what the greatest happiness? Consider and explain these briefly too.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बड़ | सबसे बड़ा | greatest |
| दुख | दुःख | sorrow |
| कवन | कौन-सा | which |
| कवन | कौन-सा | which |
| सुख | सुख | happiness |
| भारी | सबसे बड़ा | greatest |
| सोउ | वह भी | that too |
| संछेपहिं | संक्षेप में ही | briefly |
| कहहु | बताइए | please tell |
| बिचारी | विचार करके | after considering |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1032
- सहायक विषय
- गरुड़जीके सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डिके उत्तर
- मुद्रित पृष्ठ
- 1032, 1035
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।