उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि सप्रेम बोलेउ खगराऊ। जौं कृपाल मोहि ऊपर भाऊ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपक्षिराज गरुडज़ी फिर प्रेमसहित बोले—हे कृपालु! यदि मुझपर आपका प्रेम है, तो हे नाथ! मुझे अपना सेवक जानकर मेरे सात प्रश्रोंके उत्तर बखानकर कहिये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1032 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पुनि सप्रेम बोलेउ खगराऊ। जौं कृपाल मोहि ऊपर भाऊ।।
नाथ मोहि निज सेवक जानी। सप्त प्रस्न कहहु बखानी।।
स्रोत अभिलेख 7.121 · पुस्तक पृ. 1032, 1035
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पुनि सप्रेम बोलेउ खगराऊ। जौं कृपाल मोहि ऊपर भाऊ।।
English explanation
AI draft: Then Garuda, king of birds, spoke lovingly: O compassionate one, if you have affection for me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| सप्रेम | प्रेमपूर्वक | with love |
| बोलेउ | बोले | spoke |
| खगराऊ | पक्षिराज गरुड़ | Garuda, king of birds |
| जौं | यदि | if |
| कृपाल | हे कृपालु | O compassionate one |
| मोहि | मुझ पर | toward me |
| ऊपर | पर | upon |
| भाऊ | स्नेह | affection |
2 नाथ मोहि निज सेवक जानी। सप्त प्रस्न कहहु बखानी।।
English explanation
Lord, regarding me as your own servant, explain the answers to seven questions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| मोहि | मुझे | me |
| निज | अपना | your own |
| सेवक | सेवक | servant |
| जानी | जानकर | regarding as |
| सप्त | सात | seven |
| प्रस्न | प्रश्न | questions |
| कहहु | कहिए | please tell |
| बखानी | विस्तार से समझाकर | explaining fully |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1032
- सहायक विषय
- गरुड़जीके सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डिके उत्तर
- मुद्रित पृष्ठ
- 1032, 1035
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।