उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रगटीं गिरिन्ह बिबिध मनि खानी। जगदातमा भूप जग जानी।।
मूल पाठ
प्रगटीं गिरिन्ह बिबिध मनि खानी। जगदातमा भूप जग जानी।।
सरिता सकल बहहिं बर बारी। सीतल अमल स्वाद सुखकारी।।
स्रोत अभिलेख 7.23 · पुस्तक पृ. 932, 933
भावार्थ
मूल पाठ के बादसमस्त जगत्के आत्मा भगवान्को जगत्का राजा जानकर पर्वतोंने अनेक प्रकारकी मणियोंकी खानें प्रकट कर दीं। सब नदियाँ श्रेष्ठ, शीतल, निर्मल और सुखप्रद स्वादिष्ट जल बहने लगीं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 933 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 प्रगटीं गिरिन्ह बिबिध मनि खानी। जगदातमा भूप जग जानी।।
English explanation
Recognizing Rama, the soul of the universe, as king of the world, the mountains revealed mines of various gems.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रगटीं | प्रकट हुईं | appeared |
| गिरिन्ह | पर्वतों में | in the mountains |
| बिबिध | विविध प्रकार की | of various kinds |
| मनि | रत्न | gems |
| खानी | खानें | mines |
| जगदातमा | जगत की आत्मा, राम | Rama, the soul of the universe |
| भूप | राजा | king |
| जग | जगत का | of the world |
| जानी | जानकर | recognizing |
2 सरिता सकल बहहिं बर बारी। सीतल अमल स्वाद सुखकारी।।
English explanation
All rivers carry excellent water—cool, pure, pleasant to taste, and refreshing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सरिता | नदियाँ | rivers |
| सकल | सभी | all |
| बहहिं | बहती हैं, बहाती हैं | flow with or carry |
| बर | उत्तम | excellent |
| बारी | जल | water |
| सीतल | शीतल | cool |
| अमल | निर्मल | pure |
| स्वाद | स्वादिष्ट | pleasant to taste |
| सुखकारी | सुख देने वाला | refreshing and pleasing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.23
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 933
- सहायक विषय
- रामराज्यका वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 932, 933
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