उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि रघुपति निज मंदिर गए। एहि बिधि चरित करत नित नए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतदनन्तर श्रीरामचन्द्रजी अपने महलको गये। इस प्रकार वे नित्य नयी लीला करते हैं। नारद मुनि अयोध्यामें बार-बार आते हैं और आकर श्रीरामजीके पवित्र चरित्र गाते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 949 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पुनि रघुपति निज मंदिर गए। एहि बिधि चरित करत नित नए।।
बार बार नारद मुनि आवहिं। चरित पुनीत राम के गावहिं।।
स्रोत अभिलेख 7.42 · पुस्तक पृ. 949, 949
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पुनि रघुपति निज मंदिर गए। एहि बिधि चरित करत नित नए।।
English explanation
Then Rama went to his own palace. In this way, he performs new deeds each day.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी श्रीराम | Rama, lord of the Raghu lineage |
| निज | अपने | his own |
| मंदिर | महल में | to the palace |
| गए | गए | went |
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | way |
| चरित | चरित, कार्य | deeds |
| करत | करते हैं | perform |
| नित | नित्य | daily |
| नए | नए | new |
2 बार बार नारद मुनि आवहिं। चरित पुनीत राम के गावहिं।।
English explanation
Sage Narada comes repeatedly and sings of Rama’s holy deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बार | बार | time |
| बार | बार | after time |
| नारद | देवर्षि नारद | Narada, the divine sage |
| मुनि | मुनि | sage |
| आवहिं | आते हैं | comes |
| चरित | चरित | deeds |
| पुनीत | पवित्र | holy |
| राम | श्रीराम | Rama |
| के | के | of |
| गावहिं | गाते हैं | sings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.42
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 949
- सहायक विषय
- हनुमान्जीके द्वारा भरतजीका प्रश्न और श्रीरामजीका उपदेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 949, 949
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