उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि कृपाल लियो बोलि निषादा। दीन्हे भूषन बसन प्रसादा।।
मूल पाठ
पुनि कृपाल लियो बोलि निषादा। दीन्हे भूषन बसन प्रसादा।।
जाहु भवन मम सुमिरन करेहू। मन क्रम बचन धर्म अनुसरेहू।।
स्रोत अभिलेख 7.2 · पुस्तक पृ. 930, 930
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर कृपालु श्रीरामजीने निषादराजको बुला लिया और उसे भूषण, वस्त्र प्रसादमें दिये। [फिर कहा—] अब तुम भी घर जाओ, वहाँ मेरा स्मरण करते रहना और मन, वचन तथा कर्मसे धर्मके अनुसार चलना॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 930 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पुनि कृपाल लियो बोलि निषादा। दीन्हे भूषन बसन प्रसादा।।
English explanation
AI draft: Then compassionate Rama called the Nishada king to him and gave him ornaments and garments as gracious gifts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| कृपाल | कृपालु राम | compassionate Rama |
| लियो | लिया | took |
| बोलि | बुलाकर | having called |
| निषादा | निषादराज गुह को | the Nishada king Guha |
| दीन्हे | दिए | gave |
| भूषन | आभूषण | ornaments |
| बसन | वस्त्र | garments |
| प्रसादा | कृपापूर्ण भेंट के रूप में | as gracious gifts |
2 जाहु भवन मम सुमिरन करेहू। मन क्रम बचन धर्म अनुसरेहू।।
English explanation
Go home, keep remembering me, and follow righteousness in thought, deed, and speech.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाहु | जाओ | go |
| भवन | घर | home |
| मम | मेरा | of me |
| सुमिरन | स्मरण | remembrance |
| करेहू | करते रहना | keep doing |
| मन | मन से | in thought |
| क्रम | कर्म से | in deed |
| बचन | वचन से | in speech |
| धर्म | धर्म का | righteousness |
| अनुसरेहू | अनुसरण करना | follow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 930
- सहायक विषय
- रामराज्यका वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 930, 930
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।