उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पावन पर्बत बेद पुराना। राम कथा रुचिराकर नाना।।
मूल पाठ
पावन पर्बत बेद पुराना। राम कथा रुचिराकर नाना।।
मर्मी सज्जन सुमति कुदारी। ग्यान बिराग नयन उरगारी।।
स्रोत अभिलेख 7.12 · पुस्तक पृ. 1030, 1032
भावार्थ
मूल पाठ के बादवेद-पुराण पवित्र पर्वत हैं। श्रीरामजीकी नाना प्रकारकी कथाएँ उन पर्वतोंमें सुन्दर खानें हैं। संत पुरुष [उनकी इन खानोंके रहस्यको जाननेवाले] मर्मी हैं और सुन्दर बुद्धि [खोदनेवाली] कुदाल है। हे गरुडज़ी! ज्ञान और वैराग्य—ये दो उनके नेत्र हैं॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1031 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पावन पर्बत बेद पुराना। राम कथा रुचिराकर नाना।।
English explanation
The Vedas and Puranas are sacred mountains, and the many narratives of Rama are beautiful mines within them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पावन | पवित्र | sacred |
| पर्बत | पर्वत | mountains |
| बेद | वेद | the Vedas, sacred scriptures |
| पुराना | पुराण | the Puranas, sacred narratives |
| राम | भगवान राम की | of Lord Rama |
| कथा | कथाएँ | narratives |
| रुचिराकर | सुंदर खदानें | beautiful mines |
| नाना | विविध | many and varied |
2 मर्मी सज्जन सुमति कुदारी। ग्यान बिराग नयन उरगारी।।
English explanation
Good people are the discerning seekers, sound understanding is the pickaxe, and knowledge and detachment are the eyes, O Garuda.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मर्मी | मर्म जानने वाले | discerning experts |
| सज्जन | सज्जन लोग | good people |
| सुमति | सद्बुद्धि | sound understanding |
| कुदारी | कुदाल | pickaxe |
| ग्यान | आध्यात्मिक ज्ञान | spiritual knowledge |
| बिराग | वैराग्य | detachment |
| नयन | आँखें | eyes |
| उरगारी | हे गरुड़, सर्पों के शत्रु | O Garuda, enemy of serpents |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1031
- सहायक विषय
- ज्ञान-भक्ति-निरूपण, ज्ञानदीपक और भक्तिकी महान् महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 1030, 1032
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।