उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पर संपदा बिनासि नसाहीं। जिमि ससि हति हिम उपल बिलाहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे परायी सम्पत्तिका नाश करके स्वयं नष्ट हो जाते हैं, जैसे खेतीका नाश करके ओले नष्ट हो जाते हैं। दुष्टका अभ्युदय (उन्नति) प्रसिद्ध अधम ग्रह केतुके उदयकी भाँति जगत्के दु:खके लिये ही होता है॥ १०॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1034 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पर संपदा बिनासि नसाहीं। जिमि ससि हति हिम उपल बिलाहीं।।
दुष्ट उदय जग आरति हेतू। जथा प्रसिद्ध अधम ग्रह केतू।।
स्रोत अभिलेख 7.121 · पुस्तक पृ. 1032, 1035
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पर संपदा बिनासि नसाहीं। जिमि ससि हति हिम उपल बिलाहीं।।
English explanation
The wicked destroy others’ wealth and perish themselves, like hailstones that ruin crops and melt away; the reading ‘ससि’ is uncertain here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पर | दूसरों की | others’ |
| संपदा | संपत्ति | wealth |
| बिनासि | नष्ट करके | destroying |
| नसाहीं | स्वयं नष्ट होते हैं | perish themselves |
| जिमि | जैसे | as |
| ससि | फसल, संभवतः | crops, probably |
| हति | नष्ट करके | destroying |
| हिम | बर्फ के | of ice |
| उपल | पत्थर, ओले | stones, hailstones |
| बिलाहीं | गलकर मिट जाते हैं | melt away |
2 दुष्ट उदय जग आरति हेतू। जथा प्रसिद्ध अधम ग्रह केतू।।
English explanation
The rise of the wicked causes distress in the world, like the rise of the notoriously inauspicious celestial body Ketu.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुष्ट | दुष्ट का | of the wicked |
| उदय | उदय | rise |
| जग | संसार के | of the world |
| आरति | कष्ट | distress |
| हेतू | का कारण | cause of |
| जथा | जैसे | like |
| प्रसिद्ध | प्रसिद्ध | well-known |
| अधम | अशुभ, निकृष्ट | malign |
| ग्रह | ग्रह | celestial body |
| केतू | केतु | Ketu, ominous celestial portent |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1034
- सहायक विषय
- गरुड़जीके सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डिके उत्तर
- मुद्रित पृष्ठ
- 1032, 1035
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।