उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नील कंज लोचन भव मोचन। भ्राजत भाल तिलक गोरोचन।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दनीले कमलके समान नेत्र जन्म-मृत्यु [के बन्धन] से छुड़ानेवाले हैं। ललाटपर गोरोचनका तिलक सुशोभित है। भौंहें टेढ़ी हैं, कान सम और सुन्दर हैं, काले और घुँघराले केशोंकी छबि छा रही है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 980 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नील कंज लोचन भव मोचन। भ्राजत भाल तिलक गोरोचन।।
बिकट भृकुटि सम श्रवन सुहाए। कुंचित कच मेचक छबि छाए।।
स्रोत अभिलेख 7.77 · पुस्तक पृ. 979, 980
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नील कंज लोचन भव मोचन। भ्राजत भाल तिलक गोरोचन।।
English explanation
His blue-lotus-like eyes release one from worldly bondage. A mark of gorochana shines on his forehead.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नील | नीला | blue |
| कंज | कमल | lotus |
| लोचन | नेत्र | eyes |
| भव | संसार का बंधन | worldly bondage |
| मोचन | मुक्त करने वाले | releasing; liberating |
| भ्राजत | शोभित है | shines; is resplendent |
| भाल | माथे पर | on the forehead |
| तिलक | तिलक | forehead mark |
| गोरोचन | गोरोचन नामक पीला तिलक-द्रव्य | gorochana, a yellow pigment |
2 बिकट भृकुटि सम श्रवन सुहाए। कुंचित कच मेचक छबि छाए।।
English explanation
His brows are strikingly arched, and his evenly matched ears are lovely. His curly dark hair is radiant with beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिकट | प्रखर, स्पष्ट वक्र | striking; strongly arched |
| भृकुटि | भौंहें | eyebrows |
| सम | समान, संतुलित | evenly matched |
| श्रवन | कान | ears |
| सुहाए | सुंदर लगते हैं | look lovely |
| कुंचित | घुँघराले | curly |
| कच | केश | hair |
| मेचक | काले, गहरे रंग के | black; dark-hued |
| छबि | शोभा | beauty |
| छाए | छाए हुए; शोभा से व्याप्त | pervaded with beauty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.77
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 980
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 979, 980
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