उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
निराचार जो श्रुति पथ त्यागी। कलिजुग सोइ ग्यानी सो बिरागी।।
मूल पाठ
निराचार जो श्रुति पथ त्यागी। कलिजुग सोइ ग्यानी सो बिरागी।।
जाकें नख अरु जटा बिसाला। सोइ तापस प्रसिद्ध कलिकाला।।
स्रोत अभिलेख 7.98 · पुस्तक पृ. 1000, 1000
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो आचारहीन है और वेदमार्गको छोड़े हुए है, कलियुगमें वही ज्ञानी और वही वैराग्यवान् है। जिसके बड़े-बड़े नख और लंबी-लंबी जटाएँ हैं, वही कलियुगमें प्रसिद्ध तपस्वी है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1000 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 निराचार जो श्रुति पथ त्यागी। कलिजुग सोइ ग्यानी सो बिरागी।।
English explanation
One who lacks proper conduct and has abandoned the Vedic path is regarded in the age of Kali as wise and detached.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निराचार | सदाचार से रहित | devoid of proper conduct |
| जो | जो | who |
| श्रुति | वेदों का | of the Vedas |
| पथ | मार्ग | path |
| त्यागी | छोड़ने वाला | one who has abandoned |
| कलिजुग | कलियुग में | in the age of Kali |
| सोइ | वही | that very person |
| ग्यानी | ज्ञानी | wise; spiritually knowledgeable |
| सो | वह | that person |
| बिरागी | वैराग्य वाला | detached; a renunciant |
2 जाकें नख अरु जटा बिसाला। सोइ तापस प्रसिद्ध कलिकाला।।
English explanation
Someone with very long nails and matted locks is renowned as an ascetic in the age of Kali.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाकें | जिसके | whose |
| नख | नाखून | nails |
| अरु | और | and |
| जटा | जटाएँ | matted locks |
| बिसाला | बहुत बड़े; लंबे | very large; long |
| सोइ | वही | that very person |
| तापस | तपस्वी | ascetic |
| प्रसिद्ध | प्रसिद्ध; विख्यात | renowned |
| कलिकाला | कलियुग में | in the age of Kali |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.98
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1000
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिका अपनी पूर्वजन्मकथा और कलिमहिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1000, 1000
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।