उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नारि बिबस नर सकल गोसाई। नाचहिं नट मर्कट की नाई।।
मूल पाठ
नारि बिबस नर सकल गोसाई। नाचहिं नट मर्कट की नाई।।
सूद्र द्विजन्ह उपदेसहिं ग्याना। मेलि जनेऊ लेहिं कुदाना।।
स्रोत अभिलेख 7.99 · पुस्तक पृ. 1001, 1001
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे गोसाईं! सभी मनुष्य स्त्रियोंके विशेष वशमें हैं और बाजीगरके बंदरकी तरह [उनके नचाये] नाचते हैं। ब्राह्मणोंको शूद्र ज्ञानोपदेश करते हैं और गलेमें जनेऊ डालकर कुत्सित दान लेते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1001 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नारि बिबस नर सकल गोसाई। नाचहिं नट मर्कट की नाई।।
English explanation
O lord, all men are under women's sway and dance like a performer's monkey.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नारि | स्त्रियों के | of women |
| बिबस | वश में | under the sway |
| नर | पुरुष | men |
| सकल | सभी | all |
| गोसाई | हे स्वामी | O lord |
| नाचहिं | नाचते हैं | dance |
| नट | नट के | a performer's |
| मर्कट | बंदर | monkey |
| की | की | of |
| नाई | तरह | in the manner |
2 सूद्र द्विजन्ह उपदेसहिं ग्याना। मेलि जनेऊ लेहिं कुदाना।।
English explanation
Shudras instruct Brahmins in knowledge; putting on the sacred thread, they accept improper gifts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सूद्र | शूद्र | Shudras, members of the shudra social order |
| द्विजन्ह | ब्राह्मणों को | to Brahmins |
| उपदेसहिं | उपदेश देते हैं | instruct |
| ग्याना | ज्ञान का | in knowledge |
| मेलि | पहनकर | putting on |
| जनेऊ | यज्ञोपवीत | the sacred thread |
| लेहिं | लेते हैं | accept |
| कुदाना | अनुचित दान | improper gifts |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.99
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1001
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिका अपनी पूर्वजन्मकथा और कलिमहिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1001, 1001
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