उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाथ इहाँ कछु कारन आना। सुनहु सो सावधान हरिजाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे नाथ! यहाँ कुछ दूसरा ही कारण है। हे भगवान्के वाहन गरुडज़ी! उसे सावधान होकर सुनिये। एक सीतापति श्रीरामजी ही अखण्ड ज्ञानस्वरूप हैं और जड-चेतन सभी जीव मायाके वश हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 981 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नाथ इहाँ कछु कारन आना। सुनहु सो सावधान हरिजाना।।
ग्यान अखंड एक सीताबर। माया बस्य जीव सचराचर।।
स्रोत अभिलेख 7.78 · पुस्तक पृ. 981, 981
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नाथ इहाँ कछु कारन आना। सुनहु सो सावधान हरिजाना।।
English explanation
O lord, there is another reason here. O devotee of Hari, listen to it attentively.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे नाथ; हे स्वामी | O lord; O master |
| इहाँ | यहाँ; इस प्रसंग में | here; in this matter |
| कछु | कुछ | some |
| कारन | कारण | reason |
| आना | दूसरा; भिन्न | other; different |
| सुनहु | सुनिए | listen |
| सो | उसे; उस कारण को | to it; to that reason |
| सावधान | ध्यानपूर्वक | attentively |
| हरिजाना | हे हरि के भक्त | O devotee of Hari |
2 ग्यान अखंड एक सीताबर। माया बस्य जीव सचराचर।।
English explanation
Only Rama, Sita’s husband, is undivided knowledge itself; all beings, moving and unmoving, are subject to maya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ग्यान | ज्ञानस्वरूप | knowledge itself |
| अखंड | अखंड; अविभाजित | undivided; unbroken |
| एक | केवल एक | the sole one; only |
| सीताबर | सीता के पति राम | Rama, Sita’s husband |
| माया | माया के | of maya |
| बस्य | अधीन | under the control |
| जीव | जीव | living beings |
| सचराचर | समस्त चर और अचर | all moving and unmoving |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.78
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 981
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 981, 981
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।