उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं सब कें रह ग्यान एकरस। ईस्वर जीवहि भेद कहहु कस।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दयदि जीवोंको एकरस (अखण्ड) ज्ञान रहे, तो कहिये, फिर ईश्वर और जीवमें भेद ही कैसा? अभिमानी जीव मायाके वश है और वह [सत्त्व, रज, तम—इन] तीनों गुणोंकी खान माया ईश्वरके वशमें है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 981 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जौं सब कें रह ग्यान एकरस। ईस्वर जीवहि भेद कहहु कस।।
माया बस्य जीव अभिमानी। ईस बस्य माया गुनखानी।।
स्रोत अभिलेख 7.78 · पुस्तक पृ. 981, 981
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जौं सब कें रह ग्यान एकरस। ईस्वर जीवहि भेद कहहु कस।।
English explanation
If knowledge remained uniform in everyone, tell me, how would there be a distinction between God and the individual being?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| सब | सब | all; everyone |
| कें | में; के भीतर | in; within |
| रह | रहे; बना रहे | remained; continued to be |
| ग्यान | ज्ञान | knowledge |
| एकरस | एक-सा; समान रूप से अखंड | uniform; equally undivided |
| ईस्वर | ईश्वर | God |
| जीवहि | और जीव में | and the individual being |
| भेद | भेद; अंतर | distinction; difference |
| कहहु | बताइए | tell me |
| कस | कैसे | how |
2 माया बस्य जीव अभिमानी। ईस बस्य माया गुनखानी।।
English explanation
The ego-bound individual being is subject to maya, while maya, the repository of the qualities of nature, is subject to God.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| माया | माया के | of maya |
| बस्य | अधीन | under the control |
| जीव | जीव; व्यक्तिगत चेतन प्राणी | the individual being |
| अभिमानी | अहंकारयुक्त | possessed of ego |
| ईस | ईश्वर के | of God |
| बस्य | अधीन | under the control |
| माया | माया | maya |
| गुनखानी | प्रकृति के गुणों की खान | the repository of nature’s qualities |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.78
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 981
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 981, 981
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।