उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नव ग्रह निकर अनीक बनाई। जनु घेरी अमरावति आई।।
मूल पाठ
नव ग्रह निकर अनीक बनाई। जनु घेरी अमरावति आई।।
महि बहु रंग रचित गच काँचा। जो बिलोकि मुनिबर मन नाचा।।
स्रोत अभिलेख 7.27 · पुस्तक पृ. 936, 936
भावार्थ
मूल पाठ के बादमानो नवग्रहोंने बड़ी भारी सेना बनाकर अमरावतीको आकर घेर लिया हो। पृथ्वी (सड़कों) पर अनेकों रंगोंके (दिव्य) काँचों (रत्नों) की गच बनायी (ढाली) गयी है, जिसे देखकर श्रेष्ठ मुनियोंके भी मन नाच उठते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 936 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नव ग्रह निकर अनीक बनाई। जनु घेरी अमरावति आई।।
English explanation
It is as though the nine planets had formed an army and come to lay siege to Amaravati.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नव | नौ | nine |
| ग्रह | ग्रहों का | of the celestial planets |
| निकर | समूह | host |
| अनीक | सेना | army |
| बनाई | बनाकर | having formed |
| जनु | मानो | as though |
| घेरी | घेरने के लिए | to lay siege to |
| अमरावति | इंद्र की नगरी अमरावती को | Amaravati, Indra's city |
| आई | आया हो | had come |
2 महि बहु रंग रचित गच काँचा। जो बिलोकि मुनिबर मन नाचा।।
English explanation
The ground is worked with plaster and glass in many colors; seeing it, the eminent sages' hearts dance with delight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महि | भूमि पर | on the ground |
| बहु | अनेक | many |
| रंग | रंगों में | colors |
| रचित | बनाया गया | fashioned |
| गच | चूने का पलस्तर | lime plasterwork |
| काँचा | काँच का काम | glasswork |
| जो | जिसे | which |
| बिलोकि | देखकर | on beholding |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनियों का | of the eminent sages |
| मन | मन | heart |
| नाचा | आनंद से नाच उठा | danced with delight |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 936
- सहायक विषय
- पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजीकी रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 936, 936
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।