उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जातरूप मनि रचित अटारीं। नाना रंग रुचिर गच ढारीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[दिव्य] स्वर्ण और रत्नोंसे बनी हुई अटारियाँ हैं। उनमें [मणि-रत्नोंकी] अनेक रंगोंकी सुन्दर ढली हुई फर्शें हैं। नगरके चारों ओर अत्यन्त सुन्दर परकोटा बना है, जिसपर सुन्दर रंग-बिरंगे कँगूरे बने हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 936 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जातरूप मनि रचित अटारीं। नाना रंग रुचिर गच ढारीं।।
पुर चहुँ पास कोट अति सुंदर। रचे कँगूरा रंग रंग बर।।
स्रोत अभिलेख 7.27 · पुस्तक पृ. 936, 936
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जातरूप मनि रचित अटारीं। नाना रंग रुचिर गच ढारीं।।
English explanation
The upper-storey pavilions are fashioned with gold and jewels, with beautiful plasterwork in many colors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जातरूप | सोना | gold |
| मनि | मणियाँ | precious stones |
| रचित | से निर्मित | fashioned with |
| अटारीं | अटारियाँ; ऊपरी मंजिलों के मंडप | upper-storey pavilions |
| नाना | अनेक प्रकार के | many kinds of |
| रंग | रंगों का | colors |
| रुचिर | सुंदर | beautiful |
| गच | चूने का पलस्तर | lime plasterwork |
| ढारीं | लगाया गया है | has been laid on |
2 पुर चहुँ पास कोट अति सुंदर। रचे कँगूरा रंग रंग बर।।
English explanation
An exceedingly beautiful rampart surrounds the city, adorned with splendid battlements in varied colors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुर | नगर के | of the city |
| चहुँ | चारों | all four |
| पास | ओर | sides |
| कोट | परकोटा | rampart |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| रचे | बनाए गए हैं | have been fashioned |
| कँगूरा | परकोटे के शिखराकार कँगूरे | battlement crests |
| रंग | रंग | color |
| रंग | भिन्न रंग | different colors |
| बर | उत्तम | splendid |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 936
- सहायक विषय
- पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजीकी रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 936, 936
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