उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धवल धाम ऊपर नभ चुंबत। कलस मनहुँ रबि ससि दुति निंदत।।
मूल पाठ
धवल धाम ऊपर नभ चुंबत। कलस मनहुँ रबि ससि दुति निंदत।।
बहु मनि रचित झरोखा भ्राजहिं। गृह गृह प्रति मनि दीप बिराजहिं।।
स्रोत अभिलेख 7.27 · पुस्तक पृ. 936, 936
भावार्थ
मूल पाठ के बादउज्ज्वल महल ऊपर आकाशको चूम (छू) रहे हैं। महलोंपरके कलश [अपने दिव्य प्रकाशसे] मानो सूर्य, चन्द्रमाके प्रकाशकी भी निन्दा (तिरस्कार) करते हैं। [महलोंमें] बहुत-सी मणियोंसे रचे हुए झरोखे सुशोभित हैं और घर-घरमें मणियोंके दीपक शोभा पा रहे हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 936 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 धवल धाम ऊपर नभ चुंबत। कलस मनहुँ रबि ससि दुति निंदत।।
English explanation
White mansions rise to kiss the sky; their crowning finials seem to outshine the radiance of the sun and moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धवल | श्वेत | white |
| धाम | भवन | mansions |
| ऊपर | ऊँचाई में | high above |
| नभ | आकाश को | the sky |
| चुंबत | चूमते हैं | kiss |
| कलस | शिखरों के कलश | pot-shaped crowning finials |
| मनहुँ | मानो | as though |
| रबि | सूर्य की | of the sun |
| ससि | चंद्रमा की | of the moon |
| दुति | कांति को | the radiance |
| निंदत | फीका कर देते हैं | outshine |
2 बहु मनि रचित झरोखा भ्राजहिं। गृह गृह प्रति मनि दीप बिराजहिं।।
English explanation
Windows fashioned with many jewels gleam, and jewel-lamps adorn every house.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहु | अनेक | many |
| मनि | मणियों से | with precious stones |
| रचित | निर्मित | fashioned |
| झरोखा | झरोखे | ornamental projecting windows |
| भ्राजहिं | चमकते हैं | gleam |
| गृह | घर | house |
| गृह | हर घर | each house |
| प्रति | में प्रत्येक | in every |
| मनि | मणियों के | of jewels |
| दीप | दीप | lamps |
| बिराजहिं | सुशोभित हैं | are splendidly placed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 936
- सहायक विषय
- पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजीकी रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 936, 936
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।