उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दोउ बिजई बिनई गुन मंदिर। हरि प्रतिबिंब मनहुँ अति सुंदर।।
मूल पाठ
दोउ बिजई बिनई गुन मंदिर। हरि प्रतिबिंब मनहुँ अति सुंदर।।
दुइ दुइ सुत सब भ्रातन्ह केरे। भए रूप गुन सील घनेरे।।
स्रोत अभिलेख 7.25 · पुस्तक पृ. 934, 935
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे दोनों ही विजयी (विख्यात योद्धा), नम्र और गुणोंके धाम हैं और अत्यन्त सुन्दर हैं, मानो श्रीहरिके प्रतिबिम्ब ही हों। दो-दो पुत्र सभी भाइयोंके हुए, जो बड़े ही सुन्दर, गुणवान् और सुशील थे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 935 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 दोउ बिजई बिनई गुन मंदिर। हरि प्रतिबिंब मनहुँ अति सुंदर।।
English explanation
Both are victorious, humble, and abodes of virtue; so beautiful are they that they seem reflections of Hari himself.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दोउ | दोनों, लव और कुश | both, Lava and Kusha |
| बिजई | विजयी | victorious |
| बिनई | विनयी, नम्र | humble, courteous |
| गुन | गुणों के | of virtues |
| मंदिर | भंडार, निवास | abodes, repositories |
| हरि | हरि, यहाँ भगवान राम | Hari, here Lord Rama |
| प्रतिबिंब | प्रतिबिंब, प्रतिरूप | reflections, likenesses |
| मनहुँ | मानो | as though |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
2 दुइ दुइ सुत सब भ्रातन्ह केरे। भए रूप गुन सील घनेरे।।
English explanation
Each of Rama’s brothers had two sons, richly endowed with beauty, virtues, and good character.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुइ | दो | two |
| दुइ | प्रत्येक के लिए दो | two each |
| सुत | पुत्र | sons |
| सब | सभी | all |
| भ्रातन्ह | भाइयों | brothers |
| केरे | के | of |
| भए | हुए, जन्मे | were born |
| रूप | सौंदर्य | beauty |
| गुन | सद्गुण | virtues |
| सील | शील, अच्छा स्वभाव | good character |
| घनेरे | अत्यंत संपन्न | richly endowed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 935
- सहायक विषय
- पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजीकी रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 934, 935
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।