उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अहनिसि बिधिहि मनावत रहहीं। श्रीरघुबीर चरन रति चहहीं।।
मूल पाठ
अहनिसि बिधिहि मनावत रहहीं। श्रीरघुबीर चरन रति चहहीं।।
दुइ सुत सुन्दर सीताँ जाए। लव कुस बेद पुरानन्ह गाए।।
स्रोत अभिलेख 7.25 · पुस्तक पृ. 934, 935
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे दिन-रात ब्रह्माजीको मनाते रहते हैं और [उनसे] श्रीरघुवीरके चरणोंमें प्रीति चाहते हैं। सीताजीके लव और कुश—ये दो पुत्र उत्पन्न हुए, जिनका वेद-पुराणोंने वर्णन किया है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 934 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अहनिसि बिधिहि मनावत रहहीं। श्रीरघुबीर चरन रति चहहीं।।
English explanation
Day and night they keep petitioning Brahma, desiring love for the feet of Lord Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अहनिसि | दिन-रात | day and night |
| बिधिहि | विधाता ब्रह्मा को | Brahma, the Creator |
| मनावत | प्रार्थना करके प्रसन्न करते | petitioning, seeking to propitiate |
| रहहीं | रहते हैं | keep on |
| श्रीरघुबीर | श्रीराम, रघुवंश के वीर | Lord Rama, hero of Raghu’s lineage |
| चरन | चरणों में | for the feet |
| रति | प्रेम, भक्ति | love, devotion |
| चहहीं | चाहते हैं | desire |
2 दुइ सुत सुन्दर सीताँ जाए। लव कुस बेद पुरानन्ह गाए।।
English explanation
Two beautiful sons were born to Sita—Lava and Kusha, whose praises are sung in the Vedas and Puranas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुइ | दो | two |
| सुत | पुत्र | sons |
| सुन्दर | सुंदर | beautiful |
| सीताँ | सीता से, सीता के गर्भ से | to Sita, from Sita’s womb |
| जाए | जन्मे | were born |
| लव | लव, राम-सीता के पुत्र | Lava, son of Rama and Sita |
| कुस | कुश, राम-सीता के पुत्र | Kusha, son of Rama and Sita |
| बेद | वेदों में | in the Vedas |
| पुरानन्ह | पुराणों में | in the Puranas |
| गाए | जिनका यश गाया गया | whose praises are sung |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 934
- सहायक विषय
- पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजीकी रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 934, 935
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।