उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दसकंधर मारीच बतकहीं। जेहि बिधि भई सो सब तेहिं कही।।
मूल पाठ
दसकंधर मारीच बतकहीं। जेहि बिधि भई सो सब तेहिं कही।।
पुनि माया सीता कर हरना। श्रीरघुबीर बिरह कछु बरना।।
स्रोत अभिलेख 7.66 · पुस्तक पृ. 969, 970
भावार्थ
मूल पाठ के बादतथा जिस प्रकार रावण और मारीचकी बातचीत हुई, वह सब उन्होंने कही। फिर मायासीताका हरण और श्रीरघुवीरके विरहका कुछ वर्णन किया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 970 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दसकंधर मारीच बतकहीं। जेहि बिधि भई सो सब तेहिं कही।।
English explanation
The narrator related in full how the conversation between Ravana and Maricha took place.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दसकंधर | दस सिरों वाला रावण | Ravana, the ten-headed king |
| मारीच | राक्षस मारीच | Maricha, a demon |
| बतकहीं | बातचीत | conversation |
| जेहि | जिस | which; in which |
| बिधि | रीति; प्रकार | manner |
| भई | हुई | took place |
| सो | वह | that |
| सब | सब | all; in full |
| तेहिं | उसने; उस कथावाचक ने | he; that narrator |
| कही | कहा; सुनाया | related |
2 पुनि माया सीता कर हरना। श्रीरघुबीर बिरह कछु बरना।।
English explanation
Then he described the abduction of the illusory Sita and something of Rama’s anguish in separation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| माया | मायामयी; माया से प्रकट | illusory; manifested through illusion |
| सीता | राम की पत्नी सीता | Sita, Rama’s wife |
| कर | का | of |
| हरना | हरण; अपहरण | abduction |
| श्रीरघुबीर | रघुकुल के वीर श्रीराम | revered Rama, hero of Raghu’s lineage |
| बिरह | वियोग की पीड़ा | anguish of separation |
| कछु | कुछ; थोड़ा | some; a little |
| बरना | वर्णन किया | described |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.66
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 970
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 969, 970
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।